रोहिणी आचार्य ने नीतीश कुमार पर साधा निशाना— “भीगी बिल्ली की तरह दिल्ली रवाना हुए चाचा, अब कुर्सी छिनना तय”
बिहार की राजनीति में रिश्तों की कड़वाहट अब खुलकर सोशल मीडिया पर दिखने लगी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दिल्ली रवाना होने को लेकर रोहिणी आचार्य ने एक ऐसी तस्वीर और पोस्ट साझा की है, जिसने सियासी हलकों में खलबली मचा दी है। एआई से बनी इस तस्वीर में नीतीश कुमार की आंखों में आंसू हैं और वे अपना बोरिया-बिस्तर समेटकर बिहार से रुखसत होते दिख रहे हैं। रोहिणी ने इसे ‘धोखे और मौकापरस्ती’ का अंजाम बताया है।
रोहिणी आचार्य ने एक्स पर नीतीश कुमार पर हमला करते हुए लिखा— ‘भीगी हुई बिल्ली की तरह, चाचा जी आज दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं। अवसरवाद और छल का फल भुगतना ही पड़ता है।‘ रोहिणी ने दावा किया कि एक-दो दिन में नीतीश की कुर्सी छिन जाएगी और बिहार की राजनीति से उनका नाता टूट जाएगा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि काश नीतीश कुमार ने पाला न बदला होता, तो वे आज टिके रहते। तस्वीर में नीतीश कुमार को नीले रंग का ट्रेवल बैग और कंधे पर दो-दो बैग टांगे, पैदल जाते हुए दिखाया गया है, जो उनकी बेबसी को दर्शाने की कोशिश है।
एआई से तैयार इस तस्वीर में प्रतीकों का बड़ा सहारा लिया गया है। तस्वीर में एक बस है जिस पर ‘विदाई रथ’ लिखा है। बैकग्राउंड में गया का महाबोधि मंदिर और ‘बिहार’ लिखा हुआ बोर्ड दिख रहा है, जिससे वे दूर जा रहे हैं। माइलस्टोन पर ‘दिल्ली’ लिखा है और नीचे पड़े अखबार के टुकड़े पर ‘दिल्ली प्लान्स’ छपा है। तस्वीर में ऊपर लिखा है— ‘छूटा अपना प्रदेश, हम परदेसी हो गए’। यह पूरी तस्वीर नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से संभावित इस्तीफे और केंद्र की राजनीति में जाने की ओर रोहिणी का एक बड़ा कटाक्ष है।
रोहिणी के इस पोस्ट पर नेटिजन्स ने भी जमकर प्रतिक्रिया दी है। अशोक जैन नाम के एक यूजर ने लिखा कि— ‘14 अप्रैल तक ठहरना होगा, बिहार में बड़ा खेला होगा। बेटे (निशांत) को पद मिलेगा और चाचा केंद्र में जाएंगे।‘ वहीं कुछ यूजर्स ने रोहिणी को ही निशाने पर लिया और तेजस्वी यादव के साथ उनके समीकरणों पर सवाल उठाए।
नीतीश कुमार के दिल्ली जाने को लेकर रोहिणी आचार्य का यह ‘एआई प्रहार’ बिहार की राजनीति के गिरते स्तर या बदलती तकनीक का संकेत है, यह आप तय करें। लेकिन इतना साफ है कि 10 अप्रैल को होने वाली शपथ और उसके बाद के घटनाक्रम बिहार की राजनीति में एक ऐसा भूकंप लाएंगा, जिसकी गूँज लंबे समय तक सुनाई देगी।
