जीतनराम मांझी का हमला: “शराब और बालू माफिया तेजस्वी के ही आदमी हैं”

बिहार की राजनीति में ‘मांझी’ जब बोलते हैं, तो दूर तक आवाज जाती है। गया में अपनी पार्टी के मिलन समारोह के दौरान केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने तेजस्वी यादव को आईना दिखाते हुए शराबबंदी की विफलता का ठीकरा उन्हीं के सिर फोड़ दिया। मांझी ने सीधे तौर पर तेजस्वी से सवाल किया कि आखिर बिहार में बालू और शराब माफिया कौन हैं? यही नहीं, शराब नीति की खामियों पर भी उन्होंने बेबाकी से अपनी बात रखी।

गया के जिला कार्यालय में आयोजित मिलन समारोह में जीतन राम मांझी ने तेजस्वी यादव के शराबबंदी वाले बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया दी। मांझी ने आरोप लगाया कि बिहार में जितने भी बालू और शराब माफिया सक्रिय हैं, वे सब तेजस्वी यादव के ही लोग हैं। उन्होंने तेजस्वी को चुनौती देते हुए कहा— ‘तेजस्वी जी दिल पर हाथ रखकर बोलें की माफिया कौन है? वही लोग गड़बड़ करते हैं और अब खुद शोर मचा रहे हैं। ये तो वही बात हो गई चोर मचावे शोर।‘ मांझी ने साफ कहा कि तेजस्वी को दूसरों पर उंगली उठाने से पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए।

शराबबंदी कानून की ज़मीनी हकीकत पर बोलते हुए मांझी ने अपनी ही सरकार को आईना दिखाने में भी गुरेज नहीं किया। उन्होंने कहा कि शराब नीति सर्वसम्मति से बनी थी और वह ठीक है, लेकिन उसका कार्यान्वयन गलत हो रहा है। मांझी ने व्यथा जताते हुए कहा कि— ‘आज लोखों गरीब लोग जेलों में बंद हैं क्योंकि वे आधा लीटर शराब के साथ पकड़े गए, लेकिन जो हजारों लीटर की तस्करी करते हैं, वो बच निकलते हैं।‘ मांझी का सीधा आरोप था कि ये बड़े तस्कर तेजस्वी के प्रभाव वाले लोग हैं, इसलिए पुलिस की कार्रवाई से बच जाते हैं। उन्होंने सरकार से इस भेदभाव को खत्म करने और नीति में सकारात्मक सुधार लाने की मांग की।

जीतन राम मांझी के इस बयान ने बिहार की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है। माफियाओं के साथ तेजस्वी के तार जोड़ने के उनके आरोप पर अब राजद (RJD) क्या पलटवार करती है, यह देखना दिलचस्प होगा।

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