जेल से रिहाई की खबर के बीच अनंत सिंह को सोनू सिंह का खुला चैलेंज— “हाथ-पांव तोड़ देंगे!”

मोकामा की धरती पर इस वक्त शांति नहीं, बल्कि एक ‘तूफान’ आने से पहले की खामोशी है। जैसे ही पटना हाईकोर्ट से बाहुबली विधायक अनंत सिंह की जमानत की खबर आई, मोकामा के ‘शेरों’ ने अपनी मांद से बाहर निकलकर दहाड़ना शुरू कर दिया है। लेकिन इस बार मुकाबला सिर्फ पुराना नहीं है। एक तरफ हैं जेल से बाहर आ रहे ‘छोटे सरकार’ और दूसरी तरफ है सोशल मीडिया पर चुनौती दे रहा सोनू सिंह! क्या जेल से बाहर कदम रखते ही अनंत सिंह और सोनू सिंह के बीच ‘आमने-सामने’ की जंग होगी? या फिर पर्दे के पीछे कोई और ही ‘खिलाड़ी’ गोटियां फिट कर रहा है?

मोकामा के टाल में इन दिनों एक वीडियो आग की तरह फैल रहा है। वीडियो में सोनू सिंह नाम का शख्स सीधे ‘छोटे सरकार’ यानी अनंत सिंह की सल्तनत को चुनौती दे रहा है। सोनू सिंह का गुस्सा सातवें आसमान पर है, वो वीडियो में मूंछों पर ताव देते हुए कह रहा है— ‘अनंत सिंह कुछ नहीं कर सकता, उसे भागना पड़ा। अगर मिले तो उसे जान से नहीं मारेंगे, बस हाथ-पांव तोड़ देंगे।‘ ये डायलॉग नहीं, बल्कि मोकामा के नए ‘पावर गेम’ का ट्रेलर है। सवाल ये है कि क्या अनंत सिंह अपनी रिहाई के बाद इस खुली चुनौती को बर्दाश्त करेंगे या फिर मोकामा की गलियां एक बार फिर ‘सोनू बनाम अनंत’ की जंग का गवाह बनेंगी?

लेकिन रुकिए! इस लड़ाई में सिर्फ दो ही खिलाड़ी नहीं हैं। मोकामा के पुराने धुरंधर सूरजभान सिंह की एंट्री ने इस सस्पेंस को ‘हॉरर’ बना दिया है। अनंत सिंह के करीबी सुमित कुमार ने सूरजभान सिंह और उनके भाई कन्हैया सिंह पर हत्या की कोशिश का केस दर्ज कराया है। सुमित का कहना है कि उसे गमछे से घोंटकर मारने की कोशिश हुई। जानकारों का कहना है कि सूरजभान सिंह अपनी पत्नी वीणा देवी पर हुए हमले का हिसाब अभी भूले नहीं हैं। तो क्या सोनू सिंह की इस दहाड़ के पीछे सूरजभान सिंह का हाथ है? क्या मोकामा में ‘गैंगवार 2.0’ की स्क्रिप्ट लिखी जा चुकी है?

दुलारचंद यादव की हत्या के बाद से ही मोकामा सहमा हुआ है। दुलारचंद का पोता नीरज यादव खुलेआम कह रहा है कि ‘सिस्टम बिका हुआ है और हमें अपनी जान का खतरा है’। अनंत सिंह की रिहाई का मतलब है—मोकामा की राजनीति में एक बार फिर पुराने चेहरों का आमने-सामने आना। सोनू सिंह की चुनौती, सूरजभान सिंह की पुरानी खुन्नस और अनंत सिंह का अपना दबदबा—ये तीनों मिलकर एक ऐसा ‘ब्लास्ट’ करने वाले हैं जिसकी गूँज पूरे बिहार में सुनाई देगी। क्या पुलिस इस ज्वालामुखी को फटने से रोक पाएगी या फिर जेल से बाहर आते ही ‘बदले’ का दौर शुरू होगा?

मोकामा में बिसात बिछ चुकी है, मोहरे चल दिए गए हैं। अब देखना ये है कि अनंत सिंह जेल से बाहर आकर सोनू सिंह की चुनौती का जवाब किस ‘स्टाइल’ में देते हैं। क्या ये लड़ाई सिर्फ जुबानी जंग तक रहेगी या फिर मोकामा का इतिहास एक बार फिर खुद को दोहराएगा?

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