लोहानीपुर में गैस वेंडर से मारपीट, सरेआम छीने गए सिलेंडर

पटना: गैस सिलेंडर अब लोगों के लिए सिर्फ जरूरत नहीं, बल्कि विवाद की जड़ बन गए हैं। पश्चिमी लोहानीपुर में जो हुआ, उसने सबको हैरान कर दिया है—वेंडर को पीटकर सरेआम गैस सिलेंडर छीन लिए गए। ये लगातार दूसरे दिन हुई हिंसा की घटना है। एक तरफ वेंडर दहशत में हैं, तो दूसरी तरफ गैस एजेंसियां प्रशासन की चुप्पी से परेशान हैं। इसी बीच, सरकार ने कमर्शियल सिलेंडरों की कालाबाजारी रोकने के लिए ‘अनिवार्य रजिस्ट्रेशन’ का बड़ा फैसला लिया है।

राजधानी के पश्चिमी लोहानीपुर इलाके में गुरुवार को दिनदहाड़े गुंडागर्दी का नंगा नाच देखने को मिला। गैस वितरण के लिए निकले एक वेंडर को कुछ असामाजिक तत्वों ने घेर लिया। पहले कहासुनी हुई और फिर वेंडर को बेरहमी से पीटकर उससे गैस सिलेंडर छीन लिए गए। हैरानी की बात ये है कि ठीक एक दिन पहले बोरिंग कैनाल रोड स्थित देवयंती गैस सर्विस के वेंडर के साथ भी ऐसी ही वारदात हुई थी। एजेंसी संचालकों का कहना है कि प्रशासन को शिकायत देने के बावजूद सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं। वेंडरों में इतना खौफ है कि वे अब मोहल्लों में जाने से कतरा रहे हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं के घर का चूल्हा बुझने की नौबत आ गई है।

गैस की इस किल्लत और कालाबाजारी के बीच केंद्र सरकार ने एक बड़ा आदेश जारी किया है। अब होटल, ढाबा और रेस्टोरेंट संचालकों को कमर्शियल गैस सिलेंडर लेने के लिए ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) में रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा। बिना रजिस्ट्रेशन के अब एक भी सिलेंडर की सप्लाई नहीं की जाएगी। इस सख्ती के बाद अब रजिस्ट्रेशन कराने वालों की संख्या में भारी बढ़ोतरी देखी जा रही है। प्रशासन का मानना है कि इस कदम से डोमेस्टिक सिलेंडरों का कमर्शियल इस्तेमाल रुकेगा और गैस वितरण में पारदर्शिता आएगी। जो भी नियमों का उल्लंघन करेगा, उस पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अगर आप भी रेस्टोरेंट या छोटा ढाबा चलाते हैं, तो समय रहते अपनी नजदीकी गैस एजेंसी या संबंधित ऑयल कंपनी से संपर्क करें। जरूरी दस्तावेज जमा कर अपना व्यवसायिक कनेक्शन रजिस्टर्ड कराएं। सरकार का दावा है कि इस व्यवस्था के बाद कमर्शियल उपभोक्ताओं को नियमित और वैध तरीके से सिलेंडर मिलेंगे और उन्हें उपलब्धता के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। रजिस्ट्रेशन के जरिए उन प्रतिष्ठानों की पहचान स्पष्ट होगी जो अब तक अवैध तरीके से गैस का इस्तेमाल कर रहे थे। प्रशासन ने साफ संकेत दिए हैं कि अब कालाबाजारी करने वालों की खैर नहीं।

गैस वितरण में पारदर्शिता लाना जरूरी है, लेकिन जो हिंसा सड़कों पर दिख रही है, उस पर लगाम लगाना प्रशासन की पहली जिम्मेदारी है। अगर वेंडर सुरक्षित नहीं होंगे, तो आम आदमी तक गैस कैसे पहुँचेगी? रजिस्ट्रेशन की नई व्यवस्था कितनी सफल होती है और लोहानीपुर के दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है, इस पर हमारी नजर बनी रहेगी।

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