“तारीख पर तारीख”: पवन सिंह और ज्योति सिंह के तलाक केस में फिर टली सुनवाई; क्या आपसी रजामंदी या कानूनी जंग में उलझा है रिश्ता?

भोजपुरी के पावरस्टार पवन सिंह की प्रोफेशनल लाइफ जितनी चमकदार है, उनकी पर्सनल लाइफ उतनी ही विवादों और कानूनी पचड़ों में उलझी नजर आ रही है। आरा के फैमिली कोर्ट में चल रहा पवन सिंह और ज्योति सिंह का तलाक केस अब एक ऐसी पहेली बन गया है, जिसका हल फिलहाल निकलता नहीं दिख रहा। आज कोर्ट में दोनों पक्षों को हाजिर होना था, लेकिन एक बार फिर ‘तारीख पर तारीख’ का सिलसिला जारी रहा।

आरा के फैमिली कोर्ट में पवन सिंह के तलाक केस की सुनवाई होनी थी, जिसमें अदालत ने दोनों को अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने का निर्देश दिया था। लेकिन तय समय पर न तो पॉवरस्टार पवन सिंह पहुंचे और न ही उनकी पत्नी ज्योति सिंह। नतीजा यह हुआ कि अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अब अगली तारीख मुकर्रर कर दी है। यह पहली बार नहीं है जब सुनवाई टली हो, बल्कि यह मामला लंबे समय से किसी ठोस नतीजे तक पहुंचने का इंतजार कर रहा है।

ज्योति सिंह के अधिवक्ता विष्णुधर पांडे ने इस देरी की मुख्य वजह दोनों के तालमेल की कमी को बताया है। वकील के मुताबिक, जब पवन सिंह कोर्ट पहुंचते हैं तो ज्योति गायब रहती हैं, और जब ज्योति आती हैं तो पवन अनुपस्थित रहते हैं। इसी लुका-छिपी के चलते अदालत में मामले की सुनवाई आगे नहीं बढ़ पा रही है। सवाल यह है कि यदि दोनों अलग होना चाहते हैं, तो हाजिर क्यों नहीं हो रहे? और यदि साथ रहना है, तो सुलह की प्रक्रिया तेज क्यों नहीं की जा रही?

मामले में एक दिलचस्प मोड़ तब आया जब 25 मार्च 2026 को पवन सिंह कोर्ट में पेश हुए थे। उस दौरान उन्होंने संकेत दिया था कि वे आपसी सहमति से इस मामले को सुलझाना चाहते हैं। दूसरी तरफ, ज्योति सिंह का रुख स्पष्ट है—वे तलाक नहीं चाहतीं और पवन सिंह के साथ ही अपना वैवाहिक जीवन जारी रखना चाहती हैं। बता दें कि पहली पत्नी नीलम सिंह के निधन के बाद पवन ने बलिया की ज्योति सिंह से शादी की थी, लेकिन जल्द ही रिश्तों में आई दरार ने उन्हें कोर्ट की दहलीज पर ला खड़ा किया।

पवन सिंह और ज्योति सिंह के बीच सुलह होगी या तलाक, यह तो भविष्य की तारीखों में ही साफ हो पाएगा। फिलहाल, सबकी नजरें अदालत की अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां दोनों को फिर से अनिवार्य रूप से पेश होना है।

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