5 राज्यों में विधानसभा चुनाव का ऐलान, 9 अप्रैल से 29 अप्रैल तक होगा मतदान

लोकतंत्र के सबसे बड़े उत्सव की तारीखें आ गई हैं। चुनाव आयोग ने आज पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में होने वाले विधानसभा चुनावों का पूरा शेड्यूल जारी कर दिया है। 824 विधानसभा सीटों के लिए होने वाले इस महामुकाबले में कहीं एक चरण में वोटिंग होगी, तो कहीं दो चरणों में शह-मात का खेल चलेगा। ममता बनर्जी की साख दांव पर है, तो दक्षिण में स्टालिन और विजयन के किलों को ढहाने के लिए बीजेपी ने पूरी ताकत झोंक दी है।

पश्चिम बंगाल की 294 सीटों पर इस बार मुकाबला बेहद कड़ा है। पिछली बार के 8 चरणों के मुकाबले इस बार चुनाव आयोग ने चरणों की संख्या घटाकर केवल दो कर दी है। पहले चरण में 152 सीटों पर 23 अप्रैल को और दूसरे चरण में 142 सीटों पर 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। ममता बनर्जी की टीएमसी अपने ‘लक्ष्मी भंडार’ जैसी योजनाओं के भरोसे है, तो बीजेपी ने भ्रष्टाचार और कानून व्यवस्था को मुद्दा बनाकर 200 से ज्यादा सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच बंगाल का यह रण इस चुनाव का सबसे बड़ा केंद्र रहने वाला है।

पूर्वोत्तर के प्रवेश द्वार असम और दक्षिण के केरल व पुडुचेरी में चुनाव आयोग ने एक ही दिन, यानी 9 अप्रैल को मतदान कराने का फैसला किया है। असम में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की अगुवाई में एनडीए अपनी सत्ता बचाने की कोशिश करेगा, तो केरल में एलडीएफ (LDF) और यूडीएफ (UDF) के पारंपरिक मुकाबले के बीच बीजेपी ने 100 सीटों पर जीत का दांव लगाया है। पुडुचेरी की 30 सीटों पर भी 9 अप्रैल को ही जनता अपना फैसला सुनाएगी। इन तीनों ही क्षेत्रों में प्रचार अभियान अब अपने चरम पर पहुंचने वाला है।

तमिलनाडु की 234 सीटों पर 23 अप्रैल को एक ही चरण में वोटिंग होगी। एम. के. स्टालिन की द्रमुक (DMK) अपनी जनहितैषी योजनाओं के दम पर वापसी की उम्मीद कर रही है, तो अन्नाद्रमुक (AIADMK) और बीजेपी का गठबंधन उसे कड़ी चुनौती देने को तैयार है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि इस बार 2 लाख से ज्यादा पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं। साथ ही, ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (SIR) के जरिए मतदाता सूचियों को पूरी तरह शुद्ध किया गया है ताकि कोई भी फर्जी वोट न पड़ सके। हर बूथ पर पीने के पानी, शौचालय और रैंप जैसी न्यूनतम सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं।

आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू हो चुकी है और अब गेंद जनता के पाले में है। 9 अप्रैल से शुरू होने वाला यह चुनावी सफर 29 अप्रैल तक चलेगा और 4 मई को यह साफ हो जाएगा कि इन पांचों राज्यों की कमान किसके हाथों में होगी। चुनाव की हर छोटी-बड़ी खबर के लिए बने रहिए हमारे साथ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed