पप्पू यादव अरेस्ट! राहुल गांधी बोले— “बेटियों के लिए न्याय मांगने की सजा मिली, ये भाजपा का प्रतिशोध है”

पूर्णिया के चर्चित सांसद पप्पू यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है। हालांकि यह गिरफ्तारी 30 साल पुराने एक मकान विवाद मामले में हुई है, लेकिन विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इसे ‘न्याय की आवाज दबाने वाली साजिश’ करार दिया है। राहुल गांधी का आरोप है कि एक NEET छात्रा की मौत के मामले में न्याय मांगने की सजा पप्पू यादव को दी जा रही है।

पप्पू यादव की गिरफ्तारी के तुरंत बाद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर मोर्चा खोल दिया। राहुल ने सीधे तौर पर भाजपा-एनडीए मॉडल पर हमला करते हुए कहा कि एक NEET छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में जब साथी सांसद पप्पू यादव ने आवाज उठाई, तो उन्हें डराने के लिए गिरफ्तार कर लिया गया। राहुल ने लिखा— “यह राजनीति नहीं, इंसाफ का सवाल है। यह बिहार की बेटी की इज्जत और सुरक्षा का सवाल है।“ राहुल के मुताबिक, यह गिरफ्तारी एक भयावह साजिश और खतरनाक पैटर्न का हिस्सा है।

राजनीतिक शोर के बीच कानूनी हकीकत यह है कि यह मामला साल 1995 का है। आरोप है कि जब पप्पू यादव पहली बार सांसद बने थे, तब उन्होंने मनोज बिहारी लाल का मकान रहने के लिए किराए पर लिया, लेकिन उसे राजनीतिक कार्यालय बना दिया। मकान मालिक का आरोप है कि सैकड़ों लोगों की भीड़ से तंग आकर जब उन्होंने मकान खाली करने को कहा, तो उन्हें प्रताड़ित किया गया। 1998 में आरोप तय होने और दर्जनों समन जारी होने के बावजूद पप्पू यादव अदालत में पेश नहीं हुए, जिसके बाद अब यह सख्त एक्शन लिया गया है।

पप्पू यादव की पार्टी (JAP) अब कांग्रेस का हिस्सा है, ऐसे में राहुल गांधी का उनके पक्ष में आना तय था। लेकिन सरकार का तर्क है कि यह महज एक लंबी कानूनी प्रक्रिया का नतीजा है। वहीं, विपक्ष इसे नीट छात्रा की मौत के मुद्दे से जोड़कर सरकार को घेर रहा है। इस गिरफ्तारी ने पूर्णिया से लेकर दिल्ली तक सियासी माहौल को गरमा दिया है।

पप्पू यादव की गिरफ्तारी ने बिहार में एक नई बहस छेड़ दी है। क्या यह 30 साल पुराने केस का कानून सम्मत अंत है, या जैसा राहुल गांधी कह रहे हैं—यह सच बोलने की सजा है? आने वाले दिनों में यह मुद्दा सदन से लेकर सड़क तक गूंजने वाला है।

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