NEET छात्रा मौत मामले में खेसारी लाल यादव की एंट्री! एक्स पर लिखा— “घटना दुखद, निष्पक्ष जांच की है जरूरत”
पटना के शंभु गर्ल्स हॉस्टल में हुई NEET छात्रा की मौत ने पूरे बिहार को झकझोर कर रख दिया है। एक तरफ जहाँ विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक सरकार को घेर रहा है, वहीं अब भोजपुरी सुपरस्टार खेसारी लाल यादव ने भी इस मामले में न्याय की गुहार लगाई है।
पटना के गर्दनीबाग इलाके के गर्ल्स हॉस्टल में छात्रा की मौत पर आरजेडी नेता खेसारी लाल यादव ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। खेसारी ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर लिखा कि यह घटना बेहद दुखद और चिंताजनक है। उन्होंने निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग करते हुए कहा कि ऐसे मामले सिस्टम पर कई सवाल खड़े करते हैं। खेसारी के इस बयान ने विपक्षी खेमे के हमले को और धार दे दी है, जो लगातार सरकार पर मामले को दबाने का आरोप लगा रहे हैं।
वहीं, मेडिकल जांच के मोर्चे पर एक नई बाधा खड़ी हो गई है। एसआईटी ने छात्रा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर ‘सेकेंड ओपिनियन’ के लिए पटना एम्स से गुहार लगाई थी। एम्स ने इसके लिए 5 विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम तो बना दी है, लेकिन फॉरेंसिक विभाग के प्रमुख डॉ. विनय का कहना है कि एसआईटी ने अब तक आधे-अधूरे दस्तावेज ही सौंपे हैं। रिकॉर्ड देर से मिलने और दस्तावेज अधूरे होने की वजह से मेडिकल टीम किसी ठोस निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पा रही है।
इस बीच, एसआईटी की टीम जब जांच के लिए जहानाबाद पहुंची, तो उसे एक अहम जानकारी मिली है। सूत्रों के मुताबिक, छात्रा लंबे समय से नींद की दवा का सेवन कर रही थी। जांच में पता चला है कि 27 दिसंबर को छात्रा ने अपने पिता की मौजूदगी में जहानाबाद के रोहित मेडिकल स्टोर से 350 रुपये की नींद की दवा खरीदी थी, जिसका भुगतान ऑनलाइन किया गया था। बताया जा रहा है कि जो दवा पिता बरसों से ले रहे थे, वही दवा छात्रा भी ले रही थी। अब पुलिस इस एंगल से जांच कर रही है कि क्या इन दवाओं का मौत से कोई सीधा कनेक्शन है।
NEET छात्रा की मौत का मामला अब एक रहस्यमयी मोड़ ले चुका है। एक तरफ जहानाबाद से मिले ‘नींद की दवा’ के सुराग ने जांच को नई दिशा दी है, तो दूसरी तरफ एम्स और एसआईटी के बीच दस्तावेजों की देरी ने न्याय की प्रक्रिया को धीमा कर दिया है। सवाल वही है—क्या यह महज एक हादसा है या इसके पीछे कोई गहरी साजिश?
