बिहार में VIP सुरक्षा का नया चार्ट! बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन को ‘Z’ सुरक्षा, तेजस्वी यादव का सुरक्षा घेरा घटा

बिहार की राजनीति में अब सुरक्षा व्यवस्था के समीकरण भी बदल गए हैं। प्रदेश स्तरीय सुरक्षा समीक्षा समिति की ताजा रिपोर्ट के बाद सरकार ने कई बड़े नेताओं की सुरक्षा में भारी कटौती की है, तो कुछ का सुरक्षा घेरा मजबूत कर दिया है। बीजेपी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन अब ‘Z’ कैटेगरी की सुरक्षा में रहेंगे, जबकि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव का सुरक्षा कवच घटाकर ‘Y’ श्रेणी का कर दिया गया।

20 जनवरी 2026 को बीजेपी के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष बनकर इतिहास रचने वाले नितिन नबीन का रूतबा अब दिल्ली से लेकर बिहार तक बढ़ गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उन्हें ‘बॉस’ कहे जाने के बाद अब बिहार सरकार ने उन्हें ‘Z’ श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की है। खुफिया इनपुट और उनके नए राष्ट्रीय दायित्वों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। अब नितिन नबीन के चारों ओर अत्याधुनिक हथियारों से लैस जवानों का घेरा रहेगा।

एक तरफ जहाँ सत्ता पक्ष के नेताओं का सुरक्षा घेरा बढ़ा है, वहीं नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को बड़ा झटका लगा है। 2025 विधानसभा चुनाव में महागठबंधन की हार और सीएम पद की रेस से बाहर होने के बाद, उनकी सुरक्षा को ‘Z’ से घटाकर ‘Y’ श्रेणी कर दिया गया है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, सुरक्षा एजेंसियों द्वारा किए गए ‘थ्रेट परसेप्शन’ यानी खतरे के नए आकलन के आधार पर यह निर्णय लिया गया है।

 इस फैसले की गाज केवल तेजस्वी पर ही नहीं, बल्कि कांग्रेस और आरजेडी के कई अन्य वरिष्ठ नेताओं पर भी गिरी है। पूर्व विधानसभा स्पीकर उदय नारायण चौधरी, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार और मदन मोहन झा की ‘Y’ श्रेणी की सुरक्षा पूरी तरह वापस ले ली गई है। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी और मंत्री मंगल पाण्डेय को भी अब ‘Z’ श्रेणी की कड़ी सुरक्षा मिलेगी। सियासी जानकारों का मानना है कि चुनाव के बाद बदले हुए हालातों ने इन फैसलों की नींव रखी है।

सुरक्षा में यह फेरबदल केवल तकनीकी नहीं बल्कि राजनीतिक संकेत भी दे रहा है। एक तरफ जहाँ सत्ता के नए केंद्रों को सुरक्षा का अभेद्य कवच दिया गया है, वहीं विपक्ष के घटते सुरक्षा घेरे पर अब सवाल भी उठने लगे हैं। सरकार का दावा है कि यह फैसला पूरी तरह खुफिया इनपुट पर आधारित है, लेकिन सियासत में इसके मायने कुछ और ही निकाले जा रहे हैं।

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