जब ‘ही-मैन’ बन गए असली एंग्री मैन! हेमा मालिनी के लिए धर्मेंद्र ने बीच सड़क पर पत्रकारों को सिखाया सबक

बात साल 1978 की है… जब बॉलीवुड के सबसे खूबसूरत जोड़े हेमा मालिनी और धर्मेंद्र के अफेयर की खबरें हर मैगजीन के कवर पेज पर हुआ करती थीं। लेकिन कुछ पत्रकार ऐसे भी थे जिनकी कलम की चुभन धर्मेंद्र को बर्दाश्त नहीं हो रही थी। एक तरफ बंगाल में आए तूफान का गम था और दूसरी तरफ धर्मेंद्र के सीने में सुलगता गुस्सा। मुंबई के टर्फ क्लब पर जब फिल्म सितारों की एक विशाल रैली खत्म हुई, तो धर्मेंद्र ने वो कर दिया जिसकी किसी ने कल्पना नहीं की थी।

70 के दशक में धर्मेंद्र और हेमा मालिनी का प्यार परवान चढ़ रहा था। उस दौर में कुछ गॉसिप पत्रकार इन दोनों की निजी जिंदगी को लेकर काफी ‘गर्मागर्म’ खबरें छाप रहे थे। इनमें दो पत्रकार ऐसे थे जिनकी खबरें धर्मेंद्र को लगातार आहत कर रही थीं। धर्मेंद्र मौके की तलाश में थे और वो मौका आया साल 1978 में। बंगाल में आए भीषण तूफान से प्रभावित लोगों की मदद के लिए फिल्म इंडस्ट्री ने एक बड़ी चैरिटी रैली निकाली थी।

फिल्म जगत के तमाम दिग्गज कलाकार इस रैली का हिस्सा थे। जैसे ही यह रैली महालक्ष्मी के टर्फ क्लब पर पहुंचकर संपन्न हुई, धर्मेंद्र की नजर उन्हीं दो पत्रकारों पर पड़ गई जो उनके बारे में आपत्तिजनक खबरें छापते थे। फिर क्या था, रील लाइफ का ‘ही-मैन’ रियल लाइफ में उतर आया। धर्मेंद्र ने बिना सोचे-समझे उन दोनों पत्रकारों की जमकर पिटाई कर दी। वहां मौजूद लोग दंग रह गए, लेकिन धर्मेंद्र का गुस्सा सातवें आसमान पर था।

अगले दिन मुंबई के हर बड़े अखबार में यह खबर छपी कि कैसे एक सुपरस्टार ने पत्रकारों पर हाथ उठाया। हालांकि, कुछ लोगों ने इसे धर्मेंद्र की छवि के खिलाफ बताया, तो कुछ ने इसे एक प्रेमी का अपने सम्मान के लिए किया गया बचाव माना। इस घटना ने यह साबित कर दिया कि धर्मेंद्र अपनी निजी जिंदगी और खासकर हेमा मालिनी को लेकर कितने प्रोटेक्टिव थे।

धर्मेंद्र की यह कहानी आज भी बॉलीवुड के गलियारों में सुनी और सुनाई जाती है। यह दौर वो था जब सोशल मीडिया नहीं था, लेकिन सितारों का गुस्सा आज की तरह ही सुर्खियां बटोरता था। धर्मेंद्र ने अपने गुस्से से यह साफ कर दिया था कि वे अपनी निजी जिंदगी में किसी का दखल बर्दाश्त नहीं करेंगे।

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