सहरसा में बवाल! RJD विधायक गौतम कृष्ण मंच पर ही भड़के, प्रशासन को जमकर लताड़ा

बिहार की सियासत में उन्हें सादगी की मिसाल माना जाता है। पैरों में चप्पल, बदन पर साधारण कपड़े और चेहरे पर सहज मुस्कान—महिषी विधायक गौतम कृष्ण की यही पहचान है। लेकिन सहरसा के श्रीचंडी महोत्सव में आखिर ऐसा क्या हुआ की जो विधायक अक्सर विनम्रता के लिए जाने जाते हैं, उन्हें मंच पर खड़े होकर दहाड़ना पड़ा? क्यों सादगी के इस सिपाही को कहना पड़ा कि क्या उन्हें अपमानित करने के लिए बुलाया गया था?

आरजेडी विधायक गौतम कृष्ण… अक्सर चप्पल पहनकर आम लोगों के बीच रहने और अपनी सादगी के लिए मशहूर हैं। लेकिन शुक्रवार की शाम, सहरसा के प्रसिद्ध श्रीचंडी महोत्सव के मंच पर, उनकी यह सहनशीलता जवाब दे गई। जब बात प्रोटोकॉल और जनप्रतिनिधि की मर्यादा पर आई, तो सादगी का यह चेहरा ‘रौद्र रूप’ में बदल गया।

विधायक गौतम कृष्ण का सीधा आरोप था कि जब उन्हें विधिवत आमंत्रित किया गया, तो मंच पर उनकी नेमप्लेट क्यों नहीं लगाई गई? उन्होंने मंच से ही दहाड़ते हुए पूछा, क्या पदाधिकारी के बोलने के बाद कार्यक्रम खत्म हो जाता है? क्या जनप्रतिनिधि का कोई वजूद नहीं? मंच पर एक अन्य विधायक संजय कुमार भी मौजूद थे, लेकिन गौतम कृष्ण को संबोधन का अवसर न मिलना उन्हें नागवार गुजरा। उन्होंने इसे सोची-समझी साजिश और घोर अपमान करार दिया।

मंच पर हुए इस हंगामे का वीडियो अब सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है। हालांकि इस विवाद ने महोत्सव की मूल भावना को ठेस पहुँचाई है। अब चर्चा माता के दरबार की नहीं, बल्कि मंच पर हुए इस ‘मान-सम्मान’ की जंग की हो रही है। विपक्षी दल इसे लेकर सरकार और प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं।

“किसी भी सरकारी या सार्वजनिक आयोजन में प्रोटोकॉल का पालन अनिवार्य है, लेकिन सहरसा की इस घटना ने साफ कर दिया है कि अफसरशाही और जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय की भारी कमी है। श्रीचंडी महोत्सव के इस विवाद ने आयोजकों की कार्यक्षमता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

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