भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन को विरासत में मिली राजनीति, मां के समझाने पर चुनावी मैदान में उतरे
लोकसभा चुनाव के बाद से ही बीजेपी में जिस बड़े संगठनात्मक बदलाव का इंतज़ार था, वह अब पूरा हो चुका है। बिहार की राजनीति के दिग्गज और संगठन पर मज़बूत पकड़ रखने वाले नितिन नबीन को भारतीय जनता पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। अब तक यह ज़िम्मेदारी केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा संभाल रहे थे।
बिहार विधानसभा चुनाव में बीजेपी की शानदार जीत के ठीक एक महीने बाद, पार्टी की कोर कमेटी ने यह बड़ा फैसला लिया। नितिन नबीन वर्तमान में नीतीश सरकार में पथ निर्माण और नगर विकास विभाग जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। संगठन के प्रति उनकी निष्ठा और ज़मीनी पकड़ को देखते हुए उन्हें पार्टी की कमान सौंपी गई है।
नितिन नबीन का जन्म 23 मई 1980 को पटना में हुआ था। उन्हें विरासत में राजनीति मिली है। वह बीजेपी के बड़े नेता और जेपी आंदोलन से अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत करने वाले दिवंगत नवीन सिन्हा के बेटे हैं।
2005 में, जब नितिन के पिता नबीन सिन्हा का निधन हुआ, तब उनकी उम्र महज़ 26 साल थी। बीजेपी ने उन्हें अपने पिता की विरासत संभालने को कहा। शुरुआत में नितिन संकोच में थे, लेकिन अपनी माँ मीरा सिन्हा के समझाने पर वह चुनावी मैदान में उतरे। उन्होंने पटना पश्चिम सीट से उपचुनाव लड़ा और पहली बार जीत हासिल की। इसके बाद से जो उनकी जीत का सिलसिला शुरू हुआ, वह आज तक बदस्तूर जारी है।
विधायक के अलावा, नितिन नबीन का कद संगठन में भी हमेशा बड़ा रहा है, जिसका सबूत उन्हें अलग-अलग समय पर मिली ज़िम्मेदारियाँ हैं। 2008 में उन्हें भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) का राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य सह प्रभारी बनाया गया। 2010 से 2013 के बीच वह भाजयुमो के राष्ट्रीय महामंत्री रहे। 2013 में उन्हें IVLP कार्यक्रम के अंतर्गत 15 दिनों की अमेरिकी यात्रा का भी मौका मिला। 2016 से 2019 तक उन्होंने भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष की भूमिका निभाई। इसके बाद 2019 में उन्हें सिक्किम राज्य का लोकसभा और विधानसभा चुनाव प्रभारी बनाया गया। उनका संगठनात्मक कौशल यहीं नहीं रुका— 2021 से 2024 तक वह छत्तीसगढ़ में सह-प्रभारी रहे, और 2024 में छत्तीसगढ़ के लोकसभा चुनाव प्रभारी बने। जुलाई 2024 से वह छत्तीसगढ़ के राज्य प्रभारी के रूप में संगठन के दायित्व को बखूबी निभा रहे हैं।
संगठन में दशकों के अनुभव, लगातार चुनावी जीत और केंद्रीय नेतृत्व में विश्वास के दम पर नितिन नबीन अब बीजेपी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष की महत्वपूर्ण कुर्सी पर बैठ गए हैं। बिहार से राष्ट्रीय पटल पर उनकी यह एंट्री दिखाती है कि बीजेपी अब संगठन को और मज़बूत करने के लिए युवा और अनुभवी नेताओं पर भरोसा जता रही है। नितिन नवीन की नियुक्ति बीजेपी के संगठनात्मक ढांचे में एक महत्वपूर्ण बदलाव है। उम्मीद है कि अपने ज़मीनी और संगठनात्मक अनुभव से वह पार्टी को आगामी चुनौतियों के लिए तैयार करेंगे। इस बड़ी जिम्मेदारी के साथ ही उनकी राजनीतिक यात्रा का एक नया अध्याय शुरू हो गया है।
