DLC-SUPVA दीक्षांत समारोह: 760 छात्रों को मिली डिग्रियां, राज्यपाल बोले— “कला और संस्कृति के प्रतिनिधि बनकर दुनिया में कदम रखें युवा”

डीएलसी-सुपवा का द्वितीय दीक्षांत समारोह

रोहतक: दादा लख्मी चंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफॉर्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स (डीएलसी-सुपवा) में सोमवार को संस्थान का दूसरा दीक्षांत समारोह एक उत्सव के रूप में मनाया गया। पाँच साल के लंबे अंतराल के बाद आयोजित इस समारोह में ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन के कुल 760 छात्रों को डिग्रियां प्रदान की गईं, जबकि शानदार प्रदर्शन करने वाले 35 मेधावी छात्रों को गोल्ड मेडल से नवाजा गया।

समारोह की अध्यक्षता हरियाणा के राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति प्रोफेसर असीम कुमार घोष ने की। इस अवसर पर हरियाणा की प्रथम महिला मित्रा घोष, प्रदेश के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा और मुख्यमंत्री के ओएसडी डॉ. राज नेहरू विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।

सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक है यह संस्थान: राज्यपाल

अपने संबोधन में राज्यपाल प्रोफेसर असीम कुमार घोष ने डिग्री प्राप्त करने वाले युवाओं को भविष्य की जिम्मेदारियों का एहसास कराया। उन्होंने कहा कि यह यूनिवर्सिटी महान सूर्य कवि दादा लख्मी चंद की विरासत को आगे बढ़ा रही है।

  • मूल्यों की शिक्षा: राज्यपाल ने रवींद्रनाथ टैगोर का हवाला देते हुए कहा कि शिक्षा केवल जानकारी जुटाना नहीं, बल्कि जीवन को अस्तित्व के साथ सामंजस्य में लाना है।
  • ग्लोबल विजन: उन्होंने जोर दिया कि यूनिवर्सिटी को भविष्य में वैश्विक कला संस्थानों के साथ साझेदारी करनी चाहिए ताकि हरियाणा की कलात्मक विरासत को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिल सके।
  • सिर्फ डिग्री नहीं, लीडरशिप: उन्होंने कहा कि सुपवा केवल रोजगार के लिए डिग्री नहीं दे रहा, बल्कि फिल्म, टेलीविजन, डिजाइन और आर्किटेक्ट जैसे क्षेत्रों में समाज को प्रभावित करने वाले ‘रचनात्मक नेतृत्वकर्ताओं’ का निर्माण कर रहा है।

स्किल सेंटर के रूप में विकसित हो रहे हैं संस्थान: शिक्षा मंत्री

शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि सुपवा हरियाणा की कला और संस्कृति का हृदय है।

“सीएम नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हमारा विजन स्पष्ट है। हम केवल डिग्री बांटने वाले संस्थान नहीं, बल्कि युवाओं को हुनरमंद बनाने वाले स्किल सेंटर विकसित कर रहे हैं। कला के क्षेत्र में कदम रख रहे युवा केवल नौकरी खोजने वाले न बनें, बल्कि ‘जॉब प्रोवाइडर’ बनने का संकल्प लें।”

उन्होंने तकनीक और एआई (AI) के इस दौर में मानवीय संवेदनाओं और नैतिक मूल्यों को बनाए रखने की सलाह दी।

उत्सव के रंग में रंगी यूनिवर्सिटी

समारोह की शुरुआत एक भव्य शैक्षणिक शोभा यात्रा (Academic Procession) के साथ हुई। विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. अमित आर्य, रजिस्ट्रार डॉ. गुंजन मलिक मनोचा और डीन एकेडमिक अफेयर्स डॉ. अजय कौशिक ने अतिथियों का स्वागत किया।

  • खास भेंट: प्रथम महिला मित्रा घोष और शिक्षा मंत्री को विश्वविद्यालय के छात्रों द्वारा तैयार किए गए पोर्ट्रेट भेंट किए गए।
  • भावुक पल: कुलगुरु डॉ. अमित आर्य ने कहा कि दीक्षांत समारोह माता-पिता और शिक्षकों की सालों की तपस्या का फल है, इसलिए इसे एक त्योहार की तरह मनाया जाना चाहिए। उन्होंने युवाओं से अपनी जड़ों और संस्कारों से जुड़े रहने की अपील की।

दिग्गजों की मौजूदगी

इस भव्य आयोजन में प्रदेश भर की यूनिवर्सिटीज के कुलपतियों ने शिरकत की, जिनमें CDLU सिरसा, GJU हिसार, DCRUST मुरथल और MDU रोहतक के वाइस चांसलर प्रमुख रूप से शामिल थे। इसके अलावा पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर, मेयर रामअवतार बाल्मीकि और रोहतक के जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

यह समारोह केवल एक डिग्री वितरण कार्यक्रम नहीं, बल्कि हरियाणा की उभरती कलात्मक प्रतिभाओं के सम्मान और सांस्कृतिक सशक्तिकरण का एक बड़ा मंच साबित हुआ।

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