सर्वोदय विद्यालय पटपड़गंज में “स्वदेशी चेतना, पर्यावरण संरक्षण और चरित्र निर्माण” के संकल्प के साथ मनाया गया स्वतंत्रता दिवस
नई दिल्ली: सर्वोदय सह-शिक्षा उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, आई.पी. एक्सटेंशन, पटपड़गंज, दिल्ली का परिसर आज 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर तिरंगे की आभा, देशभक्ति के गीतों और सांस्कृतिक चेतना से गुंजायमान रहा। समारोह में विद्यार्थियों का उत्साह, शिक्षकों का समर्पण और अतिथियों का मार्गदर्शन एक अद्भुत संगम के रूप में दिखाई दिया।
इस गरिमामय अवसर पर मुख्य अतिथि संजय स्वामी, राष्ट्रीय संयोजक, पर्यावरण प्रकोष्ठ, शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, विशिष्ट अतिथि डॉ. राजेश प्रसाद सिंह, प्रांत संयोजक, शिक्षक शिक्षा, दिल्ली प्रांत, शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास तथा सम्मानित अतिथि डॉ. सौरभ श्रीवास्तव, सहायक प्रोफेसर, डायट, भोला नाथ नगर, दिल्ली की उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष ऊर्जा प्रदान की।
प्रधानाचार्य डॉ. अजय कुमार चौबे एवं सम्मानित एसएमसी सदस्यों द्वारा अतिथियों का पुष्प-पात्र एवं अंगवस्त्र भेंट कर आत्मीय स्वागत किया गया। इसके पश्चात मुख्य अतिथि, प्रधानाचार्य एवं एसएमसी सदस्यों द्वारा संयुक्त ध्वजारोहण संपन्न हुआ। राष्ट्रगान एवं राष्ट्रगीत के सामूहिक गायन ने पूरे वातावरण को राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत कर दिया।
विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीत, नृत्य, नाटक एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया। ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के अंतर्गत अतिथियों, एसएमसी सदस्यों एवं विद्यार्थियों को तिरंगा वितरित किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों को यह भी बताया गया कि तिरंगा हमारी एकता, अखंडता एवं गौरव का प्रतीक है और इसका सम्मान करना प्रत्येक नागरिक का परम कर्तव्य है।

मुख्य अतिथि संजय स्वामी ने अपने ओजस्वी उद्बोधन में चरित्र निर्माण, भारतीय संस्कार, राष्ट्रवाद एवं पर्यावरण संरक्षण को 21वीं शताब्दी की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया। उन्होंने शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के मार्गदर्शन में विद्यालय में पर्यावरण एवं भारतीय संस्कारों की शिक्षा आरंभ करने हेतु विद्यालय को आमंत्रित किया, जिसे प्रधानाचार्य एवं विद्यालय प्रबंध समिति ने सहर्ष एवं कृतज्ञता के साथ स्वीकार किया।
दोपहर 12:30 बजे से 2:00 बजे तक आयोजित विशेष संवादात्मक सत्र में संजय स्वामी ने शिक्षकों को पर्यावरणीय चेतना, अनुशासन, नैतिक मूल्य एवं सामाजिक दायित्व के विकास हेतु प्रेरित किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस दिशा में विद्यालय को न्यास का पूर्ण मार्गदर्शन एवं सहयोग प्राप्त होता रहेगा।
विशिष्ट अतिथि डॉ. राजेश प्रसाद सिंह ने अपने विचारों में स्वतंत्रता सेनानियों के अमर त्याग को स्मरण कराया और कहा कि स्वदेशी चेतना एवं भारतीय संस्कारों के बिना 21वीं शताब्दी का व्यक्तित्व विकास अधूरा है। उन्होंने शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास एवं विद्यालय के बीच संस्थागत सहयोग को सुदृढ़ करने और विकसित भारत के संकल्प में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
सम्मानित अतिथि डॉ. सौरभ श्रीवास्तव ने शिक्षकों को किताबी ज्ञान की सीमाओं से परे जाकर चिंतन करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा एवं सांस्कृतिक मूल्यों से अंतर्दृष्टि प्राप्त कर ही हम विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए सक्षम बना सकते हैं।
कार्यक्रम के समापन पर जलपान एवं मिष्ठान वितरण किया गया। प्रधानाचार्य डॉ. अजय कुमार चौबे ने अपने संबोधन में कहा कि “ऐसे राष्ट्रीय पर्व केवल उत्सव नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम, चरित्र और संस्कारों की नींव रखने वाले संस्कार केंद्र हैं।”
समग्र रूप से यह समारोह देशभक्ति, सांस्कृतिक जागरूकता, पर्यावरणीय दायित्व एवं चरित्र निर्माण के संकल्प के साथ अत्यंत सफल एवं स्मरणीय रहा।
