झारखंड में चल रहे छात्रों के प्रदर्शन के बीच सोनाक्षी सिन्हा ने उठाई आवाज़, सरकार से पूछा- ‘आखिर यह सब कब रुकेगा?’
Sonakshi Sinha on Jharkhand Student Protest: देश में पिछले काफी समय से सरकारी नौकरियों और प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। दिल्ली से शुरू हुई छात्रों के गुस्से और आंदोलन की यह लहर अब झारखंड की राजधानी रांची तक पहुँच चुकी है।
झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई धांधली और पेपर लीक के खिलाफ हज़ारों छात्र सड़कों पर उतर आए हैं। रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्रों का अनिश्चितकालीन धरना जारी है… और मांग सिर्फ एक ही है— 14वीं JPSC प्रिलिम्स परीक्षा को तुरंत रद्द किया जाए और पूरे मामले की CBI और ED जांच हो।
छात्रों के इस भारी आक्रोश और ‘महा-आंदोलन’ पर अब बॉलीवुड एक्ट्रेस सोनाक्षी सिन्हा की भी बड़ी और तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। सोनाक्षी सिन्हा ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करते हुए छात्रों के साथ हो रहे इस अन्याय पर आवाज़ उठाई है और सरकार से पूछा है कि— ‘हमारे देश के युवाओं को ऐसी स्थिति से गुजरते देखना बेहद दुखद है… आखिर यह सब कब रुकेगा?’
सोनाक्षी सिन्हा ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर करते हुए एक बहुत ही भावुक और कड़ा नोट लिखा. सोनाक्षी ने लिखा— ‘हमारे देश के छात्रों को ऐसी स्थिति से गुजरते हुए देखना बहुत ही ज्यादा दुखद है। आखिर यह सब कब रुकेगा?’ सोनाक्षी ने जो वीडियो शेयर किया है, उसमें झारखंड में हो रहे इस पूरे प्रोटेस्ट की वजह बताई गई है। वीडियो में साफ कहा गया है कि— ‘अगर आपको नहीं पता कि झारखंड में छात्र सड़कों पर क्यों हैं, तो सुनिए… यह प्रोटेस्ट किसी एक एग्जाम या सिर्फ एक रिक्रूटमेंट (Recruitment) को लेकर नहीं है। यह प्रोटेस्ट छात्रों के अंदर सालों से जमा हो रहे गुस्से और फ्रस्ट्रेशन (Frustration) का नतीजा है।’
सोनाक्षी के इस पोस्ट के सामने आने के बाद से ही इस आंदोलन को पूरे देश से नेशनल सपोर्ट मिलना शुरू हो गया है। सोनाक्षी सिन्हा द्वारा शेयर किए गए दूसरे वीडियो में एक छात्र का दर्द छलका, जिसे सुनकर किसी भी संवेदनशील इंसान का दिल दहल जाएगा। एक प्रदर्शनकारी छात्र ने कैमरे के सामने अपना दर्द बयां करते हुए कहा— ‘हम लोग इतना पीड़ित हैं कि बता नहीं सकते। क्या यह देश और यह झारखंड सिर्फ खनिजों (Minerals) के लिए बनाया गया है? हम चाहते हैं कि नेशनल मीडिया यहाँ आए और दिखाए कि हमारी क्या हालत है। जिस राज्य ने अपनी कोयले और बिजली से पूरे देश को उजाला दिया… आज उस राज्य के खुद के युवाओं के भविष्य में अंधेरा छाया हुआ है।’
क्या हैं छात्रों की मुख्य मांगे? 14वीं JPSC (झारखंड लोक सेवा आयोग) की प्रिलिम्स परीक्षा को तुरंत रद्द किया जाए। पूरे पेपर लीक और धान्दली के मामले की निष्पक्ष तरीके से CBI और ED से जांच कराई जाए। दोषियों पर कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई हो ताकि भविष्य में किसी छात्र के सपनों के साथ खिलवाड़ न हो।
आपको बता दें कि JPSC विवाद को लेकर यह प्रोटेस्ट पहले राज्य के अलग-अलग जिलों में छोटे स्तर पर चल रहा था। लेकिन 29 जुलाई को यह विरोध प्रदर्शन एक ऐतिहासिक ‘महा-आंदोलन’ में बदल गया। जब छात्र संगठनों ने एकजुट होकर ‘संविधान मार्च’ का आह्वान किया और पूरे झारखंड के जिलों से युवाओं को राजधानी रांची पहुँचने की अपील की। इस अपील का ऐसा असर हुआ कि राज्य के कोने-कोने से लगभग 5,000 से भी ज्यादा छात्र रांची पहुँच गए और उन्होंने एक विशाल शांति मार्च निकाला।
अब स्थिति यह है कि रांची का जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम इस आंदोलन का केंद्र बन चुका है और छात्र वहां अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं। जैसे-जैसे दिन बीत रहे हैं, पेपर लीक से जुड़े नए-नए सबूत और खुलासे एक-एक करके सामने आ रहे हैं।
NEET से लेकर JPSC तक… देश के अलग-अलग राज्यों में सालों से पढ़ाई कर रहे युवाओं का सब्र अब पूरी तरह टूट चुका है। सोनाक्षी सिन्हा जैसी हस्तियों के सामने आने से इस आंदोलन को और मजबूती मिली है।
