विधानसभा की ‘पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण समिति’ में शामिल होने पर बोले अनंत सिंह— “ई सब हम कुछ जानबे नहीं करते”

बिहार की राजनीति में अनंत सिंह यानी ‘छोटे सरकार’ अपने काम से ज्यादा अपने अंदाज के लिए जाने जाते हैं। ताजा मामला बिहार विधानसभा की समितियों के गठन का है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए बनी समितियों में बाहुबली विधायक अनंत सिंह को भी बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें ‘पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण समिति’ का सदस्य बनाया गया है। लेकिन जब पत्रकारों ने उनसे इस नई भूमिका और पर्यावरण को लेकर उनके विजन पर सवाल किया, तो अनंत सिंह ने अपने उसी चिर-परिचित ठेठ अंदाज में जवाब दिया जिसे सुनकर हर कोई दंग रह गया।

बिहार विधानसभा के अध्यक्ष प्रेम कुमार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 19 महत्वपूर्ण समितियों का गठन कर दिया है। इन समितियों का कार्यकाल 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 तक रहेगा। इस बार की समितियों में कई चौंकाने वाले नाम शामिल हैं। इसी लिस्ट में मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत कुमार सिंह का नाम भी है, जिन्हें ‘पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण समिति’ में बतौर सदस्य नियुक्त किया गया है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि जेल से बाहर आने के बाद यह अनंत सिंह के लिए सरकार की ओर से एक बड़ा इनाम है।

जैसे ही अनंत सिंह को प्रदूषण नियंत्रण समिति का सदस्य बनाए जाने की खबर आई, पत्रकारों ने उनसे उनके भविष्य के प्लान के बारे में पूछा। सवाल था—’आप पर्यावरण समिति के सदस्य बने हैं, प्रदूषण कम करने के लिए आपने क्या सोचा है?’ इस पर अनंत सिंह ने बिना किसी लाग-लपेट के अपने ठेठ बिहारी अंदाज में कहा— ‘ई सब हम कुछ जानबे नहीं करते हैं। हम क्या बने हैं, क्या नहीं बने हैं, ई सब हमको नहीं पता।’ उनके इस जवाब ने यह साफ कर दिया कि उन्हें कागजी समितियों और सरकारी फाइलों से ज्यादा जमीन की राजनीति में दिलचस्पी है।

समिति के काम भले ही अनंत सिंह की समझ से परे हों, लेकिन अपने गांव नदवां में होने वाले ‘महादंगल’ को लेकर वे बेहद उत्साहित हैं। 3 अप्रैल 2026 को होने वाले इस आयोजन के लिए अनंत सिंह खुद कैंप कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि इस दंगल में देश-विदेश से 100 से ज्यादा पहलवान आ रहे हैं और 10 लाख से ज्यादा लोग इसे देखने पहुंचेंगे। अनंत सिंह ने कहा कि— ‘आज के युवा गलत नशे का शिकार हो रहे हैं, दंगल देखेंगे तो उनका दिमाग सही दिशा में भटकेगा।‘ जब उनसे पूछा गया कि क्या वे खुद कभी दंगल लड़े हैं, तो उनका जवाब था— ‘हम लड़ते नहीं थे, लड़वाते थे।‘

अनंत सिंह का ये बेबाकपन ही है जो उन्हें बाकी नेताओं से अलग खड़ा करता है। अब ये तो वक्त ही बताएगा कि प्रदूषण नियंत्रण समिति के सदस्य के तौर पर वे क्या कमाल करते हैं, लेकिन फिलहाल उनकी चर्चा उनके ‘नदवां दंगल’ और ‘ई सब हम कुछ जानबे नहीं करते’ वाले बयान की वजह से ज़ोरों पर है।

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