जेडीयू एमएलसी खालिद अनवर बोले— “नीतीश कुमार कहीं नहीं जा रहे, बिहार में ही रहेंगे”

बिहार की राजनीति में जिसे हम ‘क्लाइमेक्स’ समझ रहे थे, लगता है वो अभी सिर्फ एक ‘इंटरवल’ है। नीतीश कुमार राज्यसभा के लिए निर्वाचित हो चुके हैं, इस्तीफे की तारीखें तय मानी जा रही थीं, लेकिन जेडीयू एमएलसी खालिद अनवर ने एक ऐसा बयान दिया है जिसने सबको चौंका दिया है। खालिद अनवर का कहना है कि— ‘नीतीश कुमार कहीं नहीं जा रहे, वो बिहार के बेटे हैं और बिहार में ही रहेंगे’।

मीडिया से बातचीत के दौरान जेडीयू एमएलसी खालिद अनवर काफी आक्रामक नजर आए। उन्होंने उन लोगों पर तंज कसा जो नीतीश कुमार के जाने की खबरें फैला रहे हैं। उन्होंने कहा— जो लोग कह रहे हैं की नीतीश जा रहे हैं, वे उन्हें जानते ही नहीं हैं। खालिद अनवर ने यहाँ तक कह दिया कि बिहार की जनता ने नीतीश कुमार के नाम पर जनादेश दिया है और 14 करोड़ लोग चाहते हैं कि वे ही मुख्यमंत्री बने रहें। उनके इस बयान ने उन कयासों पर पानी फेर दिया है जिनमें कहा जा रहा था कि बीजेपी को सत्ता सौंपने की तैयारी पूरी हो चुकी है।

जब पत्रकारों ने सवाल किया कि राज्यसभा सदस्य बनने के बाद वे सीएम कैसे रह सकते हैं, तो जेडीयू नेता ने बड़ा सस्पेंस छोड़ दिया। उन्होंने कहा कि— अभी मुख्यमंत्री की कोई वैकेंसी नहीं है। नीतीश कुमार बहुत अच्छे से बिहार चला रहे हैं, उन्हीं को फैसला लेने दीजिए। उन्होंने यह भी साफ किया कि राज्यसभा जाना उनका निजी निर्णय हो सकता है, लेकिन गद्दी छोड़ना या न छोड़ना भी उन्हीं का फैसला होगा। वहीं, तेजस्वी यादव के उस बयान पर भी उन्होंने पलटवार किया जिसमें तेजस्वी ने कहा था कि नीतीश कुमार को ‘भगाया’ जा रहा है। खालिद अनवर ने पूछा कि तेजस्वी को ये बातें आखिर कहाँ से पता चलीं?

राजनीति के गलियारों में अब इस बात पर चर्चा शुरू हो गई है कि क्या नीतीश कुमार कोई ऐसा ‘चौंकाने वाला’ निर्णय लेंगे जो संवैधानिक और राजनीतिक रूप से सबको हैरान कर दे। खालिद अनवर के मुताबिक, यह नीतीश कुमार को तय करना है कि वे खुद कुर्सी पर रहकर काम करेंगे या एनडीए के किसी और नेता को सीएम बनाएंगे। साफ है कि जेडीयू अभी भी नीतीश कुमार को ही बिहार का ‘अंतिम सेनापति’ मानकर चल रही है।

नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की खबर ने जो हलचल पैदा की थी, खालिद अनवर के बयान ने उसे एक नई दिशा दे दी है। क्या ये जेडीयू की ओर से बीजेपी पर दबाव बनाने की रणनीति है? या फिर वाकई नीतीश कुमार बिहार की गद्दी नहीं छोड़ेंगे? 30 मार्च और अप्रैल के पहले हफ्ते की तारीखें अब और भी ज्यादा महत्वपूर्ण हो गई हैं।

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