आमजन की सुविधा के लिए सार्वजनिक स्थलों पर कुर्बानी पर प्रतिबंध लगाने की मांग, भगवान महावीर देशना फाउंडेशन के निदेशक ने अमित शाह को लिखा पत्र
भगवान महावीर देशना फाउंडेशन के निदेशक मनोज कुमार जैन
भारत अपनी ‘विविधता में एकता’ के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है। त्योहारों के इस देश में आपसी सम्मान और शांति बनी रहे, इसके लिए समय-समय पर प्रशासनिक सजगता जरूरी होती है। इसी कड़ी में, भगवान महावीर देशना फाउंडेशन के निदेशक मनोज कुमार जैन ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को एक औपचारिक पत्र लिखा है। उन्होंने आगामी बकरा ईद के मौके पर पूरे देश में विधि-व्यवस्था और सद्भाव बनाए रखने के लिए कुछ खास दिशा-निर्देशों का अनुरोध किया है।
मनोज कुमार जैन ने अपने पत्र में भारत की बहु-धार्मिक विरासत का सम्मान करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ के मंत्र को दोहराया है। उन्होंने जैन धर्म के प्रवर्तक भगवान महावीर के सिद्धांतों— ‘अहिंसा परमो धर्मः’ और ‘जीव दया’ का उल्लेख करते हुए सभी से करुणा बनाए रखने की अपील की। जैन का कहना है कि किसी भी समुदाय का पर्व आपसी भाईचारे और सहिष्णुता के साथ मनाया जाना चाहिए, ताकि देश की एकता और अखंडता और अधिक मजबूत हो।
मनोज कुमार जैन ने गृह मंत्रालय से पांच प्रमुख बिंदुओं पर दिशा-निर्देश जारी करने का आग्रह किया है। उनकी पहली और सबसे महत्वपूर्ण मांग है कि सार्वजनिक स्थानों पर कुर्बानी पर पूरी तरह प्रतिबंध सुनिश्चित किया जाए, ताकि आमजन को असुविधा न हो। इसके अलावा, उन्होंने पशु अवशेषों के वैज्ञानिक और स्वच्छ निस्तारण की मांग की है। एक और संवेदनशील मुद्दा उठाते हुए उन्होंने अनुरोध किया है कि कुर्बानी से जुड़े फोटो या वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करने पर संयम बरतने हेतु एडवाइजरी जारी की जाए, जिससे अनावश्यक तनाव या विवाद की स्थिति पैदा न हो।
पत्र में मनोज कुमार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जो लोग इस दौरान माहौल बिगाड़ने या सांप्रदायिक सौहार्द को नुकसान पहुँचाने का प्रयास करें, उनके खिलाफ सख्त और त्वरित कार्रवाई की जाए। उन्होंने गृह मंत्री से अनुरोध किया है कि ये निर्देश जल्द से जल्द सभी राज्य सरकारों और स्थानीय प्रशासनिक इकाइयों को भेजे जाएं ताकि प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके। श्री जैन का मानना है कि इन उपायों से सभी नागरिक एक सौहार्दपूर्ण वातावरण में पर्व मना सकेंगे और भारत की भाईचारे की परंपरा और अधिक सुदृढ़ होगी।
मनोज कुमार जैन की यह पहल त्योहारों के दौरान सामाजिक अनुशासन और धार्मिक संवेदनशीलता के बीच संतुलन बनाने की एक कोशिश है। अब देखना होगा कि गृह मंत्रालय इस पत्र पर क्या संज्ञान लेता है और आगामी त्योहार के लिए किस तरह की एडवाइजरी जारी की जाती है।
