तिहाड़ जेल में ‘FM TJ Radio’ चलाने वाले RJ संतोष राव को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से मिला बड़ा सम्मान
अमूमन जब भी हमारे जहन में ‘जेल’ या ‘कैदियों’ का नाम आता है, तो मन में डर, अपराध और एक बेहद नकारात्मक छवि उभरती है। लेकिन क्या आप सोच सकते हैं कि देश की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली तिहाड़ जेल के भीतर से संगीत की धुनें और उम्मीदों भरी आवाजें भी गूंज सकती हैं? जी हां, इस नामुमकिन से दिखने वाले काम को मुमकिन कर दिखाया है देश के जाने-माने रेडियो जॉकी संतोष राव ने।
संतोष राव ने तिहाड़ जेल के भीतर ‘FM TJ Radio’ की शुरुआत कर एक ऐसी अनोखी पहल की, जिसने अब तक 1800 से अधिक कैदियों की जिंदगी को हमेशा-हमेशा के लिए बदल दिया है। उनके इसी सेवाभाव और सराहनीय कार्य के लिए दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने उन्हें ‘प्रेरणादीप अवॉर्ड’ से सम्मानित किया है।
इस कहानी की शुरुआत हुई थी साल 2013 में, जब आरजे संतोष राव ने तिहाड़ जेल की सभी 10 जेलों में बंद कैदियों के लिए ‘FM TJ Radio’ की शुरुआत की थी। इस पहल के तहत हर जेल के भीतर आधुनिक एफएम स्टूडियो स्थापित किए गए। मकसद सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि कैदियों को डिप्रेशन से बाहर निकालना और उन्हें अपनी बात रखने के लिए एक सकारात्मक मंच देना था।
संतोष राव ने सिर्फ रेडियो शुरू नहीं किया, बल्कि उन्होंने खुद जेल-जेल जाकर कैदियों को प्रोफेशनल रेडियो जॉकी बनने की कड़ी ट्रेनिंग दी। साल 2013 से लेकर आज यानी 2026 तक, संतोष राव पिछले 13 सालों में 1800 से अधिक कैदियों को रेडियो जॉकी की ट्रेनिंग देकर समाज के सामने बदलाव की एक नई और जिंदा मिसाल कायम कर चुके हैं।
उनके इसी अभूतपूर्व और मानवीय प्रयास को सराहने के लिए हाल ही में 4 जुलाई 2026 को दिल्ली के ललित होटल में एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया। इस मौके पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने संतोष राव को ‘प्रेरणादीप अवॉर्ड’ से सम्मानित किया।
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने संतोष राव के प्रयासों की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि जेल के भीतर इस तरह के सुधारात्मक कार्य पूरे समाज के लिए एक बड़ी प्रेरणा हैं। इससे न सिर्फ अपराधियों के सुधार में मदद मिलती है, बल्कि आम लोगों को भी जीवन के प्रति एक सकारात्मक सोच अपनाने की सीख मिलती है।
इस बड़े सम्मान को हासिल करने के बाद आरजे संतोष राव भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि जेल के माहौल में काम करना और कैदियों का भरोसा जीतना बिल्कुल आसान नहीं था, लेकिन तमाम चुनौतियों को पार करते हुए उन्होंने इस मिशन को जारी रखा। उन्होंने एक बेहद सुखद जानकारी साझा करते हुए बताया कि उनके द्वारा प्रशिक्षित किए गए 1800 कैदियों में से जो लोग अब सजा काटकर जेल से बाहर आ चुके हैं, उनमें से लगभग 82 पूर्व-कैदी आज भी उनके साथ जुड़े हुए हैं और विभिन्न रेडियो प्रोग्राम्स में एक्टिव होकर समाज को नई दिशा दे रहे हैं।
संतोष राव ने इस सफलता के लिए तिहाड़ के जेल सुपरिंटेंडेंट राज कुमार का विशेष आभार व्यक्त किया, जिनके सहयोग के बिना यह सफर मुमकिन नहीं था। इन्हीं कोशिशों के चलते साल 2023 में दिल्ली की मंडोली जेल में भी ‘FM TJ Radio’ का शानदार आगाज़ किया गया, जो आज भी सफलतापूर्वक चल रहा है।
आरजे संतोष राव और तिहाड़ जेल प्रशासन की यह अनोखी जुगलबंदी यह साबित करती है कि गुनाह से नफरत होनी चाहिए, गुनाहगार से नहीं। अगर सही अवसर और सही मार्गदर्शन मिले, तो भटका हुआ इंसान भी अपनी जिंदगी को पूरी तरह बदल सकता है।
