“सत्ता किसी की बपौती नहीं”—मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का सदन में राजद पर बड़ा हमला
बिहार विधानसभा में आज लोकतंत्र का असली स्वरूप देखने को मिला। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विधानसभा में विश्वास मत जीत लिया है। लेकिन आज चर्चा सिर्फ जीत की नहीं, बल्कि सदन में मुख्यमंत्री के उस भाषण की हो रही है जिसने राजद सुप्रीमो लालू यादव के परिवारवाद पर सीधी चोट की है। तेजस्वी यादव ने जब सम्राट चौधरी को ‘लालू की पाठशाला’ का छात्र बताया, तो मुख्यमंत्री ने ऐसा पलटवार किया कि पूरा सदन तालियों से गूंज उठा।
सदन की कार्यवाही के दौरान नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सम्राट चौधरी पर तंज कसते हुए उन्हें लालू यादव की पाठशाला का हिस्सा बताया था। इस पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बेहद सख्त लहजे में जवाब दिया। उन्होंने कहा कि— ‘सत्ता किसी की बपौती नहीं होती। कोई गलतफहमी में न रहे, मुख्यमंत्री का पद किसी एक परिवार की जागीर नहीं है।‘ चौधरी ने साफ किया कि वे किसी पाठशाला से नहीं, बल्कि 14 करोड़ बिहारियों के आशीर्वाद, प्रधानमंत्री मोदी के भरोसे और नीतीश कुमार, चिराग पासवान, उपेंद्र कुशवाहा व जीतन राम मांझी जैसे सहयोगियों के समर्थन से इस कुर्सी पर बैठे हैं।
मुख्यमंत्री ने अपने राजनीतिक सफर के सबसे दर्दनाक पन्नों को पलटते हुए राजद सुप्रीमो पर सीधा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि लालू यादव के शासनकाल में उन्हें और उनके परिवार को जेल जाना पड़ा और अमानवीय अत्याचार सहना पड़ा। सम्राट चौधरी ने गर्जना करते हुए कहा— ‘मैं तो कहता हूं, अगर लालू जी का मुझ पर अत्याचार नहीं होता, तो आज मैं मुख्यमंत्री नहीं होता।‘ उन्होंने स्पष्ट किया कि इसी संघर्ष और विरोध ने उन्हें राजनीति में आने और मजबूती से खड़े होने की प्रेरणा दी। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी का आभार जताते हुए कहा कि पार्टी ने उन्हें प्रदेश अध्यक्ष से लेकर मुख्यमंत्री तक का सम्मान दिया है।
विश्वास मत प्रस्ताव पर चर्चा के बाद सम्राट सरकार ने सदन में बहुमत साबित कर दिया। फ्लोर टेस्ट की इस जीत के साथ ही सम्राट चौधरी ने यह भी साफ कर दिया कि उनकी पार्टी और एनडीए पूरी तरह एकजुट है। उन्होंने विपक्षी दलों को नसीहत देते हुए कहा कि लोकतंत्र में जनता तय करती है कि नेतृत्व कौन करेगा, न कि कोई खास परिवार। मुख्यमंत्री ने विकास के मुद्दे पर ध्यान केंद्रित करते हुए कहा कि अब बिहार में ‘डबल इंजन’ की सरकार भ्रष्टाचार और परिवारवाद के खिलाफ लड़ते हुए राज्य को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।
आज के विश्वास मत ने न केवल सम्राट चौधरी की सरकार को मजबूती दी है, बल्कि यह भी संदेश दिया है कि बिहार की राजनीति अब परिवारवाद की छाया से बाहर निकलने की कोशिश कर रही है।
