दिल्ली से फाइनल नाम लेकर लौटे सीएम सम्राट चौधरी, जल्द होगा कैबिनेट विस्तार
बिहार की राजनीति में इन दिनों सबसे बड़ा सवाल यही है कि सम्राट चौधरी की टीम में कौन शामिल होगा और किसका पत्ता कटेगा? दो दिनों के दिल्ली दौरे के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पटना लौट आए हैं और कहा जा रहा है कि उनके पास वो लिस्ट है जिसका इंतजार बिहार के हर बड़े विधायक को है। दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के बाद असली रणनीति बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन के साथ तय हुई है।
दिल्ली में सम्राट चौधरी की व्यस्तता सिर्फ शिष्टाचार मुलाकातों तक सीमित नहीं थी। सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार के नए मंत्रियों का नाम तय करने का जिम्मा बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन को सौंपा है। बिहार प्रभारी विनोद तावड़े की मौजूदगी में हुई लंबी बैठक में जातीय संतुलन और आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए चेहरों पर चर्चा हुई। खबर है कि इस बार बीजेपी संगठन और नए खून को तरजीह देने वाली है, जिसके चलते कई पुराने मंत्रियों की कुर्सी खतरे में है।
दिल्ली से लौटते ही मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सीधे नीतीश कुमार से मिलने पहुंचे। माना जा रहा है कि उन्होंने बीजेपी कोटे के संभावित मंत्रियों की सूची नीतीश कुमार के साथ साझा की है। दिल्ली जाने से पहले ही सम्राट ने ललन सिंह के साथ बैठक कर मोटा फॉर्मूला तय कर लिया था। पुरानी सरकार में बीजेपी के 14 और जेडीयू के 9 मंत्री थे। नई सरकार में भी लगभग यही संतुलन रहने की उम्मीद है, लेकिन चेहरे बदलने वाले हैं।
कैबिनेट विस्तार में सबसे ज्यादा चर्चा विजय कुमार सिन्हा को लेकर है। पिछले कार्यकाल में उनके सख्त तेवरों ने काफी सुर्खियां बटोरी थीं, ऐसे में सवाल है कि क्या उन्हें फिर से अहम विभाग मिलेगा? वहीं, मंगल पांडे, रामकृपाल यादव और श्रेयसी सिंह जैसे पुराने चेहरों के भविष्य पर भी संशय बना हुआ है। बीजेपी सूत्रों का कहना है कि पार्टी इस बार ‘परफॉरमेंस और जातीय समीकरण’ के आधार पर पुराने चेहरों को बाहर का रास्ता दिखा सकती है ताकि नए नेतृत्व को तैयार किया जा सके।
फिलहाल सबकी नजरें 24 अप्रैल को होने वाले फ्लोर टेस्ट पर हैं। बहुमत साबित करने के बाद मई के पहले हफ्ते में कैबिनेट विस्तार की संभावना है। हालांकि, पांच राज्यों के चुनाव परिणाम और बंगाल चुनाव का प्रचार इस टाइमिंग को थोड़ा प्रभावित कर सकता है। सम्राट चौधरी की ये ‘नई टीम’ बिहार के विकास को क्या दिशा देगी, यह देखना दिलचस्प होगा।
