हेट स्पीच मामला: समन की अनदेखी पर TMC सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी, 28 अगस्त तक मांगी गई रिपोर्ट
पश्चिम बंगाल की राजनीति से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। नदिया जिले की कृष्णानगर अदालत ने कथित भड़काऊ भाषण और महिलाओं के अपमान से जुड़े एक मामले में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। अदालत ने यह कड़ा कदम बार-बार समन भेजे जाने के बावजूद सांसद के पेश न होने और न्यायिक आदेशों की अनदेखी करने पर उठाया है।
कृष्णानगर अदालत के तीसरे न्यायिक मजिस्ट्रेट ने बुधवार, 19 अगस्त को आदेश जारी करते हुए पुलिस को निर्देश दिया कि महुआ मोइत्रा के खिलाफ वारंट के निष्पादन (अमल) की विस्तृत रिपोर्ट 28 अगस्त तक अदालत के समक्ष पेश की जाए।
अदालत की तल्ख टिप्पणी: ‘न्यायालय के आदेशों के प्रति लापरवाह रवैया’
अदालत ने अपने आदेश में सांसद के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई। अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा:
“अदालत के निर्देशों की लगातार अनदेखी आरोपी के लापरवाह रवैये को दर्शाती है। आरोपी की ओर से अदालत के आदेशों का पालन न करने के कारण न्यायालय के पास उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने के अलावा कोई अन्य विकल्प शेष नहीं बचा है।”
जज ने यह भी रेखांकित किया कि सुनवाई के दौरान सांसद के वकील द्वारा यह कहा गया कि वे किसी भी समय अदालत में पेश नहीं होंगी, जो अदालत के प्रति अनादर को दिखाता है। हालांकि, बचाव पक्ष के वकील ने दलील दी कि सांसद यदि व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होती हैं, तो अदालत परिसर के बाहर उनके साथ बदसलूकी या सुरक्षा संबंधी खतरा हो सकता है।
किन धाराओं में दर्ज है मामला?
नदिया जिला पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई गंभीर धाराओं के तहत शिकायत दर्ज की गई है, जिनमें शामिल हैं:
- धारा 79: महिला की गरिमा और लज्जा का अपमान करना।
- धारा 196: विभिन्न समूहों या समुदायों के बीच दुश्मनी व वैमनस्य को बढ़ावा देना।
- धारा 299: धार्मिक भावनाओं को जानबूझकर ठेस पहुंचाना।
- धारा 351: आपराधिक धमकी।
- धारा 353 (2): हेट स्पीच और नफरत फैलाने वाले बयान देना।
बढ़ सकती हैं मुश्किलें
गौरतलब है कि अदालत ने मंगलवार को महुआ मोइत्रा को अगले दिन व्यक्तिगत रूप से हाजिर होने का निर्देश दिया था, लेकिन बुधवार को उनकी गैर-हाजिरी के बाद न्यायालय ने सीधे वारंट जारी करने का आदेश दे दिया। अब 28 अगस्त को होने वाली अगली सुनवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।
