अनुराग ठाकुर ने राहुल गांधी पर कसा तंज, कहा- आपको पीएम आवास जाने का मौका नहीं मिल रहा, आपकी बेचैनी समझ रहा हूँ
देश की संसद में इस वक्त जबर्दस्त राजनीतिक घमासान चल रहा है। लोकसभा में जब देश के युवाओं और छात्रों से जुड़े ‘एंटी-पेपर लीक बिल’ पर चर्चा शुरू हुई, तो माहौल इतना गरमा गया कि आरोप-प्रत्यारोप का दौर थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। बीजेपी सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने विपक्ष और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर अब तक का सबसे बड़ा और तीखा हमला बोला है। अनुराग ठाकुर ने कहा कि जब सरकार परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने और पेपर लीक करने वाले अपराधियों को सजा देने के लिए नया कानून ला रही है, तब राहुल गांधी और पूरा विपक्ष युवाओं के मुद्दे पर सिर्फ और सिर्फ राजनीति कर रहा है। अनुराग ठाकुर ने तंज कसते हुए यहाँ तक कह दिया कि— ‘राहुल जी, मैं आपकी बेचैनी और तकलीफ समझ सकता हूँ, आपको पीएम आवास जाने का मौका नहीं मिल रहा है।’
आइए सबसे पहले आपको बताते हैं कि संसद में इस बिल पर चर्चा के दौरान अनुराग ठाकुर ने सरकार का पक्ष रखते हुए क्या कहा। अनुराग ठाकुर ने कहा कि मोदी सरकार देश के लाखों-करोड़ों युवाओं के भविष्य को लेकर बेहद गंभीर है। सरकार परीक्षा प्रणाली में ऐसे सुधार कर रही है, जिससे पेपर लीक को पूरी तरह से रोका जा सके। उन्होंने कहा कि नए कानून का मकसद यह है कि जो भी अपराधी युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करते हैं, उनके खिलाफ तय समय सीमा के अंदर कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। संसद में बोलते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा— ‘हम एग्जाम सिस्टम को फूलप्रूफ बनाना चाहते हैं ताकि कोई भी माफिया युवाओं के सपनों से न खेल सके। हम ऐसी व्यवस्था बना रहे हैं जिससे परीक्षाएं डिले न हों और हमारी ज्यूडिशियल व्यवस्था समय पर आरोपियों को सजा दे सके।’ लेकिन इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष इस बेहद जरूरी बिल पर गंभीरता से चर्चा करने के बजाय संसद को ठप करने की कोशिश कर रहा है।
अनुराग ठाकुर ने संसद के पटल पर कांग्रेस के बड़े नेताओं के बयानों का ज़िक्र करते हुए विपक्ष की नीयत पर सीधे सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल और प्रियंका गांधी का नाम लेते हुए कहा— ‘पहले प्रियंका गांधी और फिर वेणुगोपाल जी ने कहा कि कानून में बदलाव करने की क्या जरूरत है? आखिर विपक्ष युवाओं के लिए नया और सख्त कानून बनाने का विरोध क्यों कर रहा है?’ अनुराग ठाकुर ने साफ शब्दों में कहा कि जब देश का युवा चाहता है कि पेपर लीक के खिलाफ एक सख्त और मजबूत कानून बने, तब कांग्रेस और बाकी विपक्षी पार्टियां सिर्फ अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने में लगी हैं। वो सदन में इस मुद्दे पर रचनात्मक चर्चा करने के बजाय हंगामा खड़ा कर रहे हैं।”
लेकिन संसद में सबसे ज्यादा हलचल तब मची जब अनुराग ठाकुर ने राहुल गांधी के उस हालिया प्रदर्शन का ज़िक्र किया जो उन्होंने प्रधानमंत्री आवास के बाहर किया था। अनुराग ठाकुर ने राहुल गांधी की तरफ देखते हुए सीधे-सीधे कहा— ‘देखिए राहुल जी, मैं आपकी बेचैनी और आपकी तकलीफ को बहुत अच्छी तरह समझ सकता हूँ। आपको प्रधानमंत्री आवास में जाने का मौका नहीं मिल पा रहा है… इसलिए बाहर लड़ने का आप खुद मौका तलाशते रहते हैं।’ बात यहीं खत्म नहीं हुई। बीजेपी सांसद ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए आगे कहा कि— ‘राहुल गांधी को अब लगने लगा है कि न तो इस देश का युवा उन्हें पूछ रहा है, न अखिलेश यादव पूछ रहे हैं और न ही कोई दूसरी राजनीतिक पार्टी। जब उन्हें कोई नहीं पूछ रहा है, तो उन्होंने वो काम किया जो नेता प्रतिपक्ष को बिल्कुल नहीं करना चाहिए था… वो गए और सीधे प्रधानमंत्री आवास के सामने जाकर लेट गए।’
अनुराग ठाकुर के इस बयान के बाद संसद के अंदर सत्तापक्ष की तरफ से मेजें थपथपाई गईं, तो वहीं कांग्रेस और विपक्षी सांसदों ने जमकर हंगामा और नारेबाजी शुरू कर दी। देश में पेपर लीक एक ऐसा मुद्दा है जिससे लाखों छात्रों और उनके परिवारों का भविष्य सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है। जहाँ एक तरफ सरकार सख्त कानून बनाकर इस पर लगाम कसने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी तरफ संसद में इस पर हो रही राजनीति थमने का नाम नहीं ले रही है।
