6D VR से अब घर बैठे कर सकेंगे मंदिर के गर्भगृह वाले दर्शन का अहसास, अभिनेता आशुतोष राणा हैं ब्रांड एम्बेसडर

घंटियों की आवाज, कपूर की खुशबू, गर्भगृह का वो दिव्य माहौल… और आप बिल्कुल भगवान के सामने खड़े हैं! सोचिए, अगर ये सब आपको बिना किसी भीड़-भाड़, बिना लंबी लाइनों में लगे और बिना किसी धक्के-मुक्की के महसूस हो, तो कैसा लगेगा? जी हां, अब यह मुमकिन होने जा रहा है। एक कमाल की 6D VR टेक्नोलॉजी के जरिए अब आप देश के किसी भी कोने में बैठकर, सीधे मंदिर के गर्भगृह वाले दर्शन का अहसास कर पाएंगे। और इस डिजिटल क्रांति को पर्दे पर उतारने के लिए साथ आए हैं बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर आशुतोष राणा।

हर साल देश के बड़े-बड़े मंदिरों में करोड़ों भक्तों का तांता लगता है। हर कोई अपने आराध्य को जी भरकर निहारना चाहता है। लेकिन हकीकत क्या है? घंटों लाइन में लगने के बाद मिलती है सिर्फ कुछ सेकेंड्स की झलक! भक्तों के इसी दर्द और कसक को दूर करने के लिए भारत में भक्ति और टेक्नोलॉजी का एक ऐसा संगम हुआ है, जो दुनिया में पहले कभी नहीं देखा गया। नाम है— ‘दुर्लभ दर्शन’।

‘दुर्लभ दर्शन’ देश भर में 100 से ज्यादा ऐसे 6D एक्सपीरियंस सेंटर्स खोलने जा रहा है, जहां कदम रखते ही आप सीधे मंदिर के भीतर पहुंच जाएंगे। खास बात यह है कि यह टेक्नोलॉजी 100% मेड इन इंडिया है। इसमें सिर्फ 3D नजारे ही नहीं दिखेंगे, बल्कि जब मंदिर में आरती होगी, तो आपको पानी की बूंदें, ठंडी हवा के झोंके और वहां की असली खुशबू भी हूबहू महसूस होगी। इस बेमिसाल सफर के ब्रांड एम्बेसडर और मेंटर बने हैं मशहूर अभिनेता आशुतोष राणा।

इस शानदार सफर की शुरुआत आज यानी 1 जुलाई से ‘श्रीराम की अयोध्या’ और ‘उज्जैयिनी के महाकाल’ के साथ हो रही है। इन कहानियों को अपनी कलम से सजाया है जाने-माने साहित्यकार आलोक श्रीवास्तव ने। आपको याद दिला दें कि आशुतोष राणा की आवाज में करोड़ों दिलों को छूने वाला ‘शिव तांडव स्तोत्र’ भी आलोक श्रीवास्तव ने ही लिखा था। इस पूरी सीरीज का जादुई म्यूजिक यंग कंपोजर सौरभ मेहता ने तैयार किया है।

लेकिन इस पूरे विजन के पीछे दिमाग किसका है? वो हैं प्रशांत मिश्रा— जो IIT कानपुर के एल्युमनाई हैं। देश के लोगों को टेक्नोलॉजी के जरिए कुछ देने के संकल्प के कारण इन्होंने अपनी 15 साल पुरानी IRS (सरकारी अफसर) की नौकरी को अलविदा कह दिया।

काशी विश्वनाथ, वैष्णो देवी, हनुमान गढ़ी और हरिद्वार समेत कई जगहों पर इसके सेंटर्स पहले ही धूम मचा रहे हैं। अगले फेज में चार धाम यात्रा, 12 ज्योतिर्लिंग और जगन्नाथ रथ यात्रा को भी इससे जोड़ा जाएगा। इतना ही नहीं, कंपनी अपने ‘शुभ दर्शन’ वर्टिकल के जरिए घरों के लिए ऐसे स्मार्ट फ्रेम्स और मूर्तियां ला रही है, जिससे लोग ऑगमेंटेड रियलिटी (AR) की मदद से घर पर ही मंत्रों के साथ सही तरीके से पूजा और अभिषेक करना सीख सकेंगे। तो कुल मिलाकर, टेक्नोलॉजी ने अब आस्था के रास्ते को आसान और बेहद सजीव बना दिया है।

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