अनंत सिंह की मांग— “बिहार में शराबबंदी खत्म हो, तस्करी और सूखे नशे से बर्बाद हो रहे युवा”

बिहार: मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह जेल से रिहा क्या हुए, बिहार की सियासत में बयानों की ‘एके-47’ चलनी शुरू हो गई है। दुलारचंद यादव हत्याकांड में जमानत मिलने के बाद अनंत सिंह ने सीधे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सबसे महत्वाकांक्षी योजना—शराबबंदी—पर करारा प्रहार किया है। इतना ही नहीं, नीतीश कुमार के बाद अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, इस पर भी अनंत सिंह ने अपनी पसंद साफ कर दी है।

अप्रैल 2016 में जब नीतीश कुमार ने बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू की थी, तो इसे एक सामाजिक क्रांति माना गया था। लेकिन 10 साल बाद अनंत सिंह का कहना है कि यह पूरी तरह विफल रही है। मंगलवार को संवाददाताओं से बात करते हुए ‘छोटे सरकार’ ने कहा कि— ‘जिस उद्देश्य से शराबबंदी लागू हुई थी, वह पूरा नहीं हुआ। तस्करी बड़े पैमाने पर हो रही है और लोग आज भी शराब पी रहे हैं।‘ अनंत सिंह ने सबसे गंभीर चिंता ‘सूखे नशे’ को लेकर जताई। उनका दावा है कि शराब न मिलने के कारण युवा पीढ़ी अब चरस, अफीम और अन्य घातक नशों की चपेट में आकर बर्बाद हो रही है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि इस विफल कानून को अब खत्म कर देना चाहिए।

बिहार में नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद उत्तराधिकारी को लेकर चर्चाएं तेज हैं। इस रेस में अनंत सिंह ने अपनी पसंद को सार्वजनिक कर दिया है। जेल से आने के बाद नीतीश कुमार से मुलाकात करने वाले अनंत सिंह ने कहा कि— ‘निशांत कुमार हर तरह से बिहार के मुख्यमंत्री बनने के योग्य हैं।‘ उन्होंने निशांत को सबसे काबिल उम्मीदवार बताया। हालांकि निशांत अब तक सक्रिय राजनीति से दूर रहे हैं, लेकिन अनंत सिंह जैसे कद्दावर नेता का समर्थन उनके नाम को एक नई मजबूती दे रहा है। ‘छोटे सरकार’ ने यह भी साफ किया कि अगर एनडीए में बीजेपी के मुख्यमंत्री पर सहमति बनती है, तो सम्राट चौधरी एक बेहतर विकल्प हो सकते हैं।

अनंत सिंह को उनके समर्थकों के बीच बेबाक और निडर अंदाज के लिए जाना जाता है। दुलारचंद यादव हत्याकांड में जमानत मिलने के बाद उनकी रिहाई को मोकामा में एक ‘उत्सव’ की तरह मनाया गया। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अनंत सिंह का शराबबंदी पर दिया गया बयान जेडीयू के भीतर भी एक नई बहस छेड़ सकता है, क्योंकि खुद पार्टी के भीतर कई नेता दबी जुबान में इस कानून की समीक्षा की बात करते रहे हैं। अब देखना ये है कि अनंत सिंह के इन सुझावों पर नीतीश सरकार और एनडीए का क्या रुख रहता है।

अनंत सिंह की बातों ने ये तो साफ कर दिया है कि वे बिहार की भावी राजनीति में एक बड़ा रोल निभाने के लिए तैयार हैं। क्या शराबबंदी वाकई खत्म होगी? और क्या निशांत कुमार ही नीतीश कुमार की विरासत को आगे बढ़ाएंगे?

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