जियो का जलवा: जनवरी 2026 में जोड़े सबसे ज्यादा 16 लाख मोबाइल ग्राहक, एयरटेल रहा पीछे

अगर आपको लगता था कि 5G के आने के बाद मुकाबला कड़ा होगा, तो आपको बता दे की रिलायंस जियो ने टेलीकॉम के मैदान में ऐसी बैटिंग की है कि बाकी टीमें फील्डिंग करते-करते थक गई हैं। जनवरी 2026 के आंकड़े आ चुके हैं और कहानी वही पुरानी है—जियो टॉप पर, एयरटेल पीछे-पीछे और वोडाफोन-आइडिया के ग्राहक… टाटा, बाय-बाय!

TRAI के लेटेस्ट डेटा ने टेलीकॉम जगत में खलबली मचा दी है। जनवरी 2026 में जियो ने करीब 16 लाख नए मोबाइल ग्राहक जोड़े, वहीं एयरटेल 12 लाख पर सिमट गया। लेकिन सबसे दुखद कहानी रही वोडाफोन-आइडिया की, जिनके करीब 7 लाख ग्राहक साथ छोड़कर चले गए। आज के टाइम में देश का हर तीसरा-चौथा बंदा जियो चला रहा है। 41% मार्केट शेयर के साथ जियो ‘किंग’ बना हुआ है और विश्लेषकों का कहना है कि ये तो बस शुरुआत है!

सिर्फ मोबाइल ही नहीं, जियो अब आपके घर के अंदर भी घुस चुका है। होम ब्रॉडबैंड के मामले में जियो ने जनवरी में 7.8 लाख नए घर रोशन किए। मार्केट में 42% हिस्सेदारी के साथ यहाँ भी जियो नंबर वन है। और असली ‘खेला’ तो 5G फिक्स्ड वायरलेस यानी एयरफाइबर में हुआ है, जहाँ जियो का 70% से ज़्यादा कब्जा है। विश्लेषकों की मानें तो जियो की ये ‘डबल इंजन’ रणनीति (फाइबर + वायरलेस) विरोधियों के लिए सिरदर्द बन गई है।

जेएम फाइनेंशियल के एक्सपर्ट्स का कहना है कि जियो की ये बढ़त सिर्फ नंबर्स का खेल नहीं है। जैसे-जैसे लोग 5G और होम इंटरनेट पर शिफ्ट हो रहे हैं, जियो की प्रति ग्राहक कमाई (ARPU) भी रॉकेट बनने वाली है। निवेशकों के लिए तो ये ‘लड्डू फूटने’ जैसी खबर है क्योंकि कैश फ्लो बढ़ने वाला है। मतलब साफ है—अंबानी ने 5G की ऐसी पिच तैयार की है जहाँ फिलहाल तो सिर्फ जियो के ही खिलाड़ी रन बना रहे हैं। टेलीकॉम की इस जंग में फिलहाल तो ‘जियो’ ही जी रहा है और बाकी सब बस ‘सर्वाइवल’ की कोशिश कर रहे हैं।

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