तेज प्रताप यादव का खुला विद्रोह! “मैं किसी बेटी का पिता नहीं बना, तेजस्वी के करीबी ‘जयचंदों’ ने रची साजिश”

पटना: बिहार की सियासत में आज एक ऐसा धमाका हुआ है, जिसकी चर्चा हर ओर हो रही है। पूरे सोशल मीडिया पर यह खबर आग की तरह फैली है की तेज प्रताप यादव और अनुष्का यादव की बेटी हुई है। इसी मामले में तेज प्रताप यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी चुप्पी तोड़ी है। यही नहीं, प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान तेज प्रताप ने अपने ही भाई तेजस्वी यादव के पांच सबसे भरोसेमंद लोगों का नाम लेकर उन्हें ‘जयचंद’ करार दिया है और अपनी जान व मान-सम्मान को खतरे में बताया है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में बेहद तनाव में नजर आ रहे तेज प्रताप यादव ने साफ किया कि सोशल मीडिया पर चल रही खबरें कि अनुष्का यादव से उनकी एक बेटी हुई है, पूरी तरह निराधार हैं। तेज प्रताप ने कहा— मैं इस दावे को खारिज करता हूं। यह मुझे बदनाम करने के लिए रची गई साजिश है। जिस महिला के साथ मेरा नाम महीनों पहले गलत तरीके से जोड़ा गया और मुझे पार्टी से निकलवाया गया, अब उसे मेरे बच्चे की मां बताया जा रहा है। यह पूरी तरह झूठ है।

तेज प्रताप ने इस बार किसी बाहरी दुश्मन पर नहीं, बल्कि अपने भाई तेजस्वी यादव के कोर ग्रुप पर हमला बोला है। उन्होंने सांसद संजय यादव, एमएलसी सुनील सिंह, पूर्व विधायक शक्ति सिंह यादव, मुकेश रौशन और तेजस्वी के दोस्त रमीज को ‘जयचंद’ बताया। तेज प्रताप का आरोप है कि ये सभी लोग मिलकर उनके खिलाफ गेम खेल रहे हैं। उन्होंने एक नया नाम ‘आकाश भाटी’ उछालते हुए कहा कि अनुष्का यादव और आकाश भाटी के रिश्तों की जांच होनी चाहिए, न कि उनके नाम को घसीटा जाए।

तेज प्रताप यादव ने अपनी मानसिक स्थिति का हवाला देते हुए कहा कि इन अफवाहों से वे गहरे डिप्रेशन में हैं। उन्होंने एलान किया है कि वे इस मामले को लेकर कोर्ट जाएंगे और मानहानि का केस दर्ज करेंगे। यादव परिवार के भीतर का यह आंतरिक टकराव अब सड़कों और अदालतों तक पहुँचता दिख रहा है।

तेज प्रताप यादव का यह हमला सीधे तौर पर तेजस्वी यादव के करीबियों पर प्रहार है। अपनों को ‘जयचंद’ कहना ये बताता है कि परिवार और पार्टी के भीतर दरार कितनी गहरी हो चुकी है। अब देखना होगा कि तेजस्वी यादव और पार्टी के ये दिग्गज नेता तेज प्रताप के इन संगीन आरोपों पर क्या सफाई देते हैं।

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