सी एम श्री विद्यालय की शानदार पहल, मानसरोवर पार्क स्थित विद्यालय में आयोजित हुआ प्लास्टिक कचरा प्रबंधन पर विशेष सत्र
नई दिल्ली: बढ़ती हुई आधुनिकता के बीच आज प्लास्टिक कचरा हमारी पृथ्वी और पर्यावरण के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुका है। ऐसे में नई पीढ़ी को इस खतरे के प्रति सचेत करना बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य के साथ, दिल्ली के मानसरोवर पार्क स्थित सी एम श्री विद्यालय में विद्यांजलि कार्यक्रम की श्रृंखला के अंतर्गत ‘पर्यावरण संरक्षण में प्लास्टिक कचरा प्रबंधन का महत्व’ विषय पर एक बेहद सफल जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया।
विद्यालय के प्राचार्य हितेंद्र कुमार वीरानी के विशेष मार्गदर्शन में आयोजित इस सत्र में प्रख्यात शिक्षाविद, लेखक, विचारक और पर्यावरण मित्र संजय स्वामी ने शिरकत की। सत्र के मुख्य वक्ता, पर्यावरण मित्र संजय स्वामी ने छात्रों को संबोधित करते हुए बेहद सरल और प्रभावी ढंग से प्लास्टिक कचरे के दुष्प्रभावों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि जो प्लास्टिक हम आसानी से फेंक देते हैं, वह सदियों तक मिट्टी और पानी को प्रदूषित करता रहता है।
संजय स्वामी ने विद्यार्थियों को सिंगल-यूज़ प्लास्टिक से पूरी तरह बचने की सलाह दी। उन्होंने कचरे के सही पृथक्करण, पुनः उपयोग और पुनर्चक्रण के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि स्वच्छ और हरित वातावरण का निर्माण तभी संभव है जब देश का हर नागरिक और विशेषकर युवा पीढ़ी इसमें अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि हमारे छोटे-छोटे प्रयास ही पर्यावरण संरक्षण में सबसे बड़ा योगदान साबित होंगे।
सत्र की सबसे खूबसूरत बात यह रही कि यह केवल एकतरफा भाषण नहीं था, बल्कि बच्चों ने इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। छात्रों ने प्लास्टिक प्रदूषण से जुड़े कई गंभीर और व्यवहारिक प्रश्न पूछे। कार्यक्रम के अंतिम चरण में विद्यांजलि इंचार्ज सुश्री अनुराधा ने पर्यावरण मित्र श्री संजय स्वामी जी का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस सत्र को विद्यालय और छात्रों के लिए बेहद उपयोगी बताया।”
सत्र के समापन पर सुश्री अनुराधा ने सभी विद्यार्थियों से पर्यावरण संरक्षण का एक सामूहिक संकल्प लेने का आह्वान किया। सभी छात्रों और शिक्षकों ने एक सुर में प्रतिज्ञा ली कि वे प्लास्टिक का उपयोग कम करेंगे और धरती को हरा-भरा रखने में अपना योगदान देंगे।
