संसद की सीढ़ियों से फोन पर बात करते हुए फिसले शशि थरूर, सपा मुखिया अखिलेश बने ‘रक्षक’

दिल्ली: अक्सर हम टीवी पर नेताओं को एक-दूसरे के खिलाफ जहर उगलते या संसद में तीखी बहस करते देखते हैं। लेकिन सियासत के इस शोर के पीछे एक ऐसी दुनिया भी है जहाँ मतभेद तो हैं, पर मनभेद नहीं। आज संसद की सीढ़ियों से एक ऐसी ही तस्वीर सामने आई, जिसने कड़वाहट भरी राजनीति के बीच इंसानियत की ताजी हवा का झोंका दिया है। कांग्रेस के दिग्गज सांसद शशि थरूर का पैर फिसला और वे गिरने ही वाले थे, लेकिन तभी ‘संकटमोचक’ बनकर सामने आए अखिलेश यादव।

संसद सत्र की कार्यवाही खत्म होने के बाद सभी सांसद बाहर निकल रहे थे। तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर अपने फोन पर किसी जरूरी बातचीत में डूबे हुए थे। हाथ में फोन और कानों पर लगा रिसीवर—थरूर का पूरा ध्यान अपनी बातचीत पर था। लेकिन जैसे ही उन्होंने संसद की ऊंची सीढ़ियों से नीचे की ओर कदम बढ़ाया, उनका जूता मार्बल की सतह पर फिसल गया। एक पल के लिए ऐसा लगा कि थरूर सीधे जमीन पर गिरेंगे और उन्हें गंभीर चोट आ सकती है।

ठीक उसी वक्त समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव भी वहीं मौजूद थे। अखिलेश की नजरें जैसे ही लड़खड़ाते हुए थरूर पर पड़ीं, उन्होंने एक सेकंड की भी देरी नहीं की। अखिलेश ने बिजली जैसी फुर्ती दिखाई और थरूर को गिरने से पहले ही मजबूती से बाजुओं से थाम लिया। यह अखिलेश की सजगता ही थी कि एक बड़ा शारीरिक हादसा टल गया। खुद थरूर भी इस अचानक हुए घटनाक्रम से थोड़े हक्के-बक्के रह गए, लेकिन अखिलेश के सहारे ने उन्हें तुरंत संभाल लिया।

इस घटना के बाद वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों और अन्य विपक्षी सांसदों ने भी तुरंत थरूर के पास जाकर उनका हालचाल पूछा। गनीमत रही कि उन्हें कोई अंदरूनी या बाहरी चोट नहीं आई। यह वीडियो उन लोगों के लिए एक कड़ा जवाब है जो यह सोचते हैं कि नेता एक-दूसरे के दुश्मन होते हैं। अखिलेश यादव की यह फुर्ती और शशि थरूर के चेहरे की वो राहत भरी मुस्कान बताती है कि जब मुश्किल समय आता है, तो तिरंगा और देश की संसद इन सबको एक सूत्र में पिरो देती है।

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