अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी मामले में RSS का बयान आया सामने, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने दी प्रतिक्रिया
अयोध्या में श्री रामलला के भव्य मंदिर से जुड़ी एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने देश के करोड़ों राम भक्तों को झकझोर कर रख दिया है। राम मंदिर के दान पात्रों में जमा राशि की चोरी की दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर अब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने बेहद कड़ा और बड़ा रुख अख्तियार किया है।
संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने नई दिल्ली से एक बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील बयान जारी किया है। संघ ने साफ शब्दों में कहा है कि इस निंदनीय घटना से समूचे समाज और राम भक्तों की आस्था को गहरी ठेस पहुंची है। आरएसएस ने मंदिर प्रबंधन और उत्तर प्रदेश सरकार से व्यवस्थाओं की सभी कमियों को तुरंत दूर करने की मांग की है।
नई दिल्ली में 3 जुलाई को जारी अपने आधिकारिक वक्तव्य में आरएसएस के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि श्री राम जन्मभूमि पर निर्मित भव्य मंदिर पीढ़ियों के संघर्ष और करोड़ों रामभक्तों के समर्पण, त्याग और बलिदान का प्रतीक है। यह संपूर्ण हिंदू समाज के लिए श्रद्धा और भक्ति का सबसे बड़ा केंद्र है।
उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अयोध्या में श्री रामलला मंदिर में रखे हुए दान पात्रों से राशि चोरी होने की घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। इस घोर निंदनीय घटना से न सिर्फ समूचा समाज मर्माहत है, बल्कि करोड़ों राम भक्तों की भावना और श्रद्धा को गहरा आघात पहुंचा है। संघ ने इस बात पर जोर दिया है कि वर्तमान में जो भ्रम और असमंजस की स्थिति बनी हुई है, उसे तुरंत समाप्त किया जाना बेहद जरूरी है।
इस मामले में कानूनी कार्रवाई की जानकारी देते हुए संघ ने बताया कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के आग्रह पर उत्तर प्रदेश सरकार ने तुरंत एक्शन लेते हुए SIT का गठन कर दिया है। जांच दल की अनुशंसा पर कानूनी प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। संघ की तरफ से साफ मांग की गई है कि इस जांच में जो भी दोषी पाया जाए, उसे सख्त से सख्त और कठोर दंड मिलना सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
आरएसएस ने तीर्थ क्षेत्र न्यास के सामने अपनी स्वाभाविक अपेक्षा रखते हुए कहा है कि इस घटना को कोई आम घटना न माना जाए। इसे एक असाधारण मामला मानकर गंभीरता से व्यवस्था और संचालन की सभी कमियों को तुरंत दूर करने के लिए परिणामकारक और ठोस कदम उठाए जाने चाहिए, ताकि अयोध्या मंदिर पर रामभक्तों की आस्था अटूट बनी रहे। संघ को पूरा विश्वास है कि पारदर्शी वित्तीय प्रबंधन और शुद्धता से परिपूर्ण धार्मिक वातावरण के जरिए न्यास इस विश्वास को दोबारा सुदृढ़ करेगा।
अपने वक्तव्य के आखिर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने संपूर्ण हिंदू समाज से एक बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण आह्वान किया है। संघ ने कहा है कि यह समय बेहद संवेदनशील और कठिन है, इसलिए सभी राम भक्तों और हिंदू समाज को इस क्षण में आवश्यक धैर्य और संयम का परिचय देना होगा।
सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने सचेत करते हुए कहा कि कुछ हिंदू विरोधी और राष्ट्र विरोधी शक्तियां इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना का नाजायज फायदा उठाने की कोशिश कर सकती हैं। ऐसी ताकतें हिंदू धर्म और समाज को बदनाम करने के बड़े षड़यंत्र रच रही हैं। संघ ने आह्वान किया है कि समाज अपनी एकता और संयम के दम पर देश विरोधी ताकतों के ऐसे सभी कुत्सित प्रयासों और साजिशों को पूरी तरह से विफल कर दे।
राम मंदिर में हुई इस चोरी की घटना ने जहां सुरक्षा और प्रबंधन पर बड़े सवाल खड़े किए हैं, वहीं आरएसएस के इस कड़े और स्पष्ट बयान के बाद अब शासन और न्यास दोनों पर व्यवस्थाओं को पारदर्शी बनाने का भारी दबाव है। देखना होगा कि विशेष जांच दल इस मामले में कब तक दोषियों को बेनकाब करता है।
