BJP की नई राष्ट्रीय टीम की पहली बैठक: PM मोदी ने दिया संगठन विस्तार का मंत्र, ‘वंदे मातरम्’ पर पारित हुआ अहम प्रस्ताव
नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय संगठन में हालिया फेरबदल के बाद शनिवार को नई दिल्ली स्थित पार्टी के केंद्रीय मुख्यालय में नवनियुक्त राष्ट्रीय पदाधिकारियों की पहली महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन की अध्यक्षता में संपन्न हुई इस उच्चस्तरीय बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विशेष रूप से शामिल हुए और नवनियुक्त पदाधिकारियों के साथ विस्तृत संवाद किया।
बैठक में संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने, जन-कल्याणकारी नीतियों की पहुंच बढ़ाने और आगामी संगठनात्मक रणनीतियों को लेकर गहन विचार-विमर्श हुआ।
“नए विचार और नए नजरिए को बढ़ावा देती हैं संगठनात्मक बैठकें” — PM मोदी
बैठक के समापन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी प्रतिक्रिया साझा की। उन्होंने नई टीम के साथ हुई बातचीत को अत्यंत सकारात्मक और उत्साहवर्धक बताया।
प्रधानमंत्री ने लिखा कि संगठनात्मक बैठकें नए विचारों, नए दृष्टिकोण और रचनात्मक ऊर्जा का माध्यम बनती हैं। इनका मुख्य ध्येय पार्टी की सांगठनिक शक्ति को सुदृढ़ करना और जन-जन के साथ जुड़ाव को और अधिक प्रगाढ़ बनाना है। उन्होंने संगठन को नए विचारों के साथ आगे ले जाने पर विशेष बल दिया।

65 सदस्यीय टीम में 51 नए चेहरों को मिला मौका
गौरतलब है कि भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने 17 अगस्त को अपनी नई राष्ट्रीय टीम का औपचारिक ऐलान किया था। इस पुनर्गठित टीम में कुल 65 राष्ट्रीय पदाधिकारी शामिल हैं, जिनमें 51 नए चेहरों को प्रमुख जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
शनिवार को आयोजित यह बैठक सभी नए सदस्यों के लिए पार्टी अध्यक्ष और प्रधानमंत्री मोदी के साथ पहली संयुक्त व औपचारिक बैठक थी। इस बैठक में राष्ट्रीय पदाधिकारियों के अलावा पूर्व राष्ट्रीय कार्यकारिणी के वरिष्ठ सदस्य और विभिन्न राज्यों के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भी उपस्थित रहे।
‘वंदे मातरम्’ के सम्मान में पारित हुआ विशेष प्रस्ताव
बैठक के राजनीतिक और सांस्कृतिक महत्व को रेखांकित करते हुए भाजपा सांसद संबित पात्रा ने मीडिया को बताया कि नितिन नवीन की टीम की पहली बैठक में राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के सम्मान में एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किया गया।
- 150 वर्ष का ऐतिहासिक अवसर: संबित पात्रा ने बताया कि यह वर्ष ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने का गौरवमयी अवसर है, जो पूरे देश में देशभक्ति और राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक बना हुआ है।
- राजनीतिक पृष्ठभूमि: यह प्रस्ताव उस समय लाया गया है जब हाल ही में 19 अगस्त को कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में ‘वंदे मातरम्’ गायन को 1937 के प्रस्ताव के अनुरूप पहले दो पदों तक सीमित रखने के संदर्भ में चर्चा हुई थी। भाजपा ने इसे लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा है।
जमीनी स्तर पर पकड़ और संवाद पर फोकस
पार्टी सूत्रों के अनुसार, बैठक में संगठन को हर स्तर पर सक्रिय बनाए रखने की रूपरेखा तैयार की गई। इसमें मुख्य रूप से:
- केंद्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और उपलब्धियों को घर-घर तक पहुंचाने,
- बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाने, तथा
- आम जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच निरंतर जीवंत संवाद बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
