पप्पू यादव की बड़ी जीत! पटना और पूर्णिया के सभी केस में मिली बेल

सत्यमेव जयते! ये शब्द आज पूर्णिया सांसद पप्पू यादव के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से गूँज रहे हैं। 31 साल पुराने मामले और गिरफ्तारी के दौरान हुए हंगामे के चक्रव्यूह में फँसे पप्पू यादव आखिरकार कानूनी रूप से ‘आजाद’ होने जा रहे हैं। पटना की एमपी-एमएलए कोर्ट से लेकर कोतवाली और बुद्धा कॉलोनी थानों तक, पप्पू यादव को सभी मामलों में जमानत मिल गई है। रिहाई में अड़ंगा बनी वो नई FIR भी अब बेअसर हो चुकी है। बेऊर जेल से उनकी रिहाई बस अब कुछ ही घंटों की बात है।

पिछले कई दिनों से बेऊर जेल में बंद पप्पू यादव के लिए आज की सुबह राहत भरी खबर लेकर आई। पटना के कोतवाली और बुद्धा कॉलोनी थाने में दर्ज मामलों समेत पूर्णिया के एक केस में भी सांसद को जमानत मिल गई है। उनके वकील ने कोर्ट में दलील दी कि सांसद की गिरफ्तारी न केवल राजनीति से प्रेरित थी, बल्कि कानूनी रूप से भी कमजोर थी। कोर्ट के आदेश के बाद सांसद के कार्यालय ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया— “सांसद पप्पू यादव शीघ्र आजाद होंगे, वह न्याय और इंसाफ के लिए सदैव लड़ेंगे।“

सांसद पप्पू यादव की जमानत की राह में सिर्फ कानूनी अड़चनें ही नहीं, बल्कि सुरक्षा का भी बड़ा संकट रहा। पिछले दिनों पटना सिविल कोर्ट को बार-बार बम से उड़ाने की धमकियाँ मिलीं, जिससे न्यायिक कामकाज ठप हो गया था। पप्पू यादव ने खुद जेल से सवाल उठाया था कि आखिर ये धमकियाँ किसे और क्यों दी जा रही हैं। विपक्ष ने भी इस पूरी गिरफ्तारी को सरकार की ‘बदले की भावना’ करार दिया था, लेकिन अब कोर्ट के फैसले ने रिहाई की मुहर लगा दी है।

पप्पू यादव की रिहाई बिहार की राजनीति में एक बार फिर गर्मी पैदा करने वाली है। नीट छात्रा की मौत के मामले में मुखर रहे सांसद अब जेल से बाहर आकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलेंगे या फिर उनकी रणनीति कुछ और होगी? फिलहाल, बेऊर जेल के बाहर समर्थकों का हुजूम जमा है और वे अपने नेता का ‘भव्य स्वागत’ करने की तैयारी में हैं।

पप्पू यादव को जेल की सलाखों में कैद रखने की तमाम कानूनी कोशिशें अब नाकाम हो चुकी हैं। बेल बॉन्ड भरने की प्रक्रिया पूरी होते ही सांसद आजाद हो जाएंगे। देखना यह है कि बाहर आते ही वे पटना की राजनीति में क्या नया धमाका करते हैं।

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