कविताएं उलझनों में डूबे लोगों को सहजता की ओर लाती हैं: मनोज तिवारी- दिल्ली के महाराष्ट्र सदन में ‘मैं तुममें कैद परिंदा हूं’ संकलन का विमोचन

नई दिल्ली, 11 जून। जीवन की बोझिल उधेड़बुन में उलझे किसी खिन्न और उदास आदमी को बाहर निकाल कर सहजता के धरातल पर ले आना ही कविताओं का असल काम होता है। ऐसी ही कविताएं रची हैं जे. पी. गंगवार ने। बीजेपी सांसद और सुप्रसिद्ध लोकगायक मनोज तिवारी ने यह बात जे. पी. गंगवार के कविता संकलन ‘मैं तुममें कैद परिंदा हूं’ के विमोचन के मौके पर कही। उन्होंने कहा कि कविताओं के अर्थ बहुत गहरे और बहुआयामी होते हैं। इस मौके पर गंगवार की कविता पर आधारित वीडियो का भी लोकार्पण किया गया।

राजधानी दिल्ली में महाराष्ट्र सदन के सभागार में हुआ विमोचन समारोह संप्रेषण मल्टीमीडिया और अदबी कॉकटेल के तत्वावधान में संपन्न हुआ। इस अवसर पर दिल्ली में महाराष्ट्र की रेजीडेंट कमिश्नर और सचिव आईएएस अधिकारी आर. विमला ने कहा कि सरकारी नौकरी की व्यस्तताओं के बावजूद जे. पी. गंगवार साहित्य सृजन कर रहे हैं, यह बड़ी बात है। उन्होंने भविष्य में महाराष्ट्र सदन में कवि गोष्ठियों के आयोजन का भी संकल्प लिया।

विमोचन समारोह में वरिष्ठ साहित्यकार और पत्रकार रवि पाराशर ने कहा कि गंगवार की कविताएं लू के थपेड़ों में तपते माहौल में सुकून की चंद फुहारों जैसा एहसास कराती हैं। उनकी कविताओं में सुकून की सांसें महसूस की जा सकती हैं। उनकी कलम बेचैन भी है, लेकिन वह बेचैनी भीड़ में शोर नहीं मचाती, बल्कि एकांत में रहती है। वह बेचैनी बहुत सहज है, सरल है। समारोह में स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स, रोहतक के कुलपति डॉ. अमित आर्य ने कहा कि कविताएं एहसास को कभी पुराना नहीं पड़ने देतीं। साहित्य पाठकों और श्रोताओं को समकालीन चेतना से जोड़े रखने का सशक्त माध्यम है।

समारोह में मशहूर गायक जैजिम शर्मा ने गंगवार की कुछ कविताएं गुनगुना कर जम कर तालियां बटोरीं। धन्यवाद ज्ञापन संप्रेषण मल्टीमीडिया और अदबी कॉकटेल के अतुल गंगवार ने किया। उन्होंने निदा फ़ाज़ली साहब का एक शेर सुनाते हुए कि ‘हर आदमी में होते हैं दस बीस आदमी, जिसको भी देखना कई बार देखना’ कहा इस आयोजन से ये पता चलता है कि व्यक्ति का जो चेहरा हम देखते है उस चेहरे से इतर भी कोई चेहरा उसका हो सकता है। इस मौके पर वरिष्ठ पत्रकार सुभाष अखिल, गिरिराज, अनिल पाण्डेय, आशीष कुमार अंशु, प्रमोद मालिक, सुबोध शर्मा, मनोज गुप्ता, रश्मि जैन, डॉ.विशाल चड्ढा, तन्मय गंगवार, एडी सिंह आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन विकास कौशिक ने किया।

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