‘छात्रों की आड़ में तख्ता पलट की साजिश’… इस्तीफे के बाद पहली बार धर्मेंद्र प्रधान का राहुल गांधी और विरोधियों पर बड़ा हमला
नई दिल्ली: देश की सियासत में इस वक्त एक बार फिर भूचाल आ गया है। नीट-यूजी पेपर लीक विवाद के बाद अपने पद से इस्तीफा देने वाले पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री और बीजेपी के कद्दावर नेता धर्मेंद्र प्रधान एक बार फिर बड़े राजनीतिक मुद्दे पर खुलकर सामने आ गए हैं। उन्होंने देश में तख्ता पलट की साजिश, बांग्लादेश की तर्ज पर प्रेरणा लेने, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शनों और सीधे तौर पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर जोरदार हमला बोला है।
धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (ट्विटर) पर एक के बाद एक कई तीखे पोस्ट किए हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा— ‘देशहित और छात्रों के हितों के नाम पर जो विरोध प्रदर्शन शुरू किया गया था, उसका असली चरित्र अब पूरी तरह सामने आ गया है। प्रधान ने यह भी कहा कि खुले तौर पर सत्ता परिवर्तन और बांग्लादेश के हालातों से प्रेरणा लेने की बात करना यह स्पष्ट करता है कि यह सब छात्रों की आड़ में देश के भीतर अराजकता फैलाने और राजनीतिक व्यवस्था को अस्थिर करने की एक सोची-समझाई साजिश है।
अपने इस हमले में धर्मेंद्र प्रधान ने बिना आपातकाल का सीधा नाम लिए कांग्रेस की पुरानी मानसिकता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने सीधे तौर पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को अपने निशाने पर लिया। प्रधान ने लिखा— ‘हार का शतक लगा चुके नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी बार-बार जनता के जनादेश को अपमानित करते हैं। हाथ में संविधान लेकर घूमने वाले संविधान विरोधी राहुल गांधी को जनता बार-बार नकार चुकी है, फिर भी सत्ता की लालसा में संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाए जा रहे हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि विदेशी ताकतों के दम पर सत्ता परिवर्तन का इनका सपना देश की जनता कभी पूरा नहीं होने देगी।
आपको बता दें कि धर्मेंद्र प्रधान को जुलाई महीने में नीट-यूजी पेपर लीक विवाद के बाद अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था। उस दौरान कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और अन्य विपक्षी दलों ने उनके खिलाफ बड़े पैमाने पर आंदोलन की अगुवाई की थी, जो बाद में दिल्ली में काफी हिंसक भी हो गया था।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, उस वक्त उस आंदोलन में असामाजिक तत्वों के साथ-साथ देश-विरोधी ताकतों के भी घुसने की बात सामने आई थी। और अब एक बार फिर वही विरोध प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और अन्य मुद्दों को लेकर सामने आ रहे हैं, जिस पर सियासत गरमा गई है।
एक तरफ जहां विपक्ष सरकार पर संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप लगा रहा है, वहीं बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं का यह आक्रामक रुख बताता है कि आने वाले दिनों में संसद से लेकर सड़क तक का राजनीतिक संघर्ष और अधिक तेज होने वाला है।
