श्रेयस तलपड़े और काजल अग्रवाल की नई मुहिम, फिल्म के जरिए समाज और हर भारतीय परिवार को जागरूक करने की कोशिश
क्या आप जानते हैं कि जिस खाने को आप और आपका परिवार बड़े चाव से सेहतमंद समझकर खा रहा है, वो असल में एक धीमा जहर भी हो सकता है? कीटनाशक आधारित खेती और हमारे खानपान में रसायनों की मिलावट के इसी कड़वे और डराने वाले सच को उजागर करने आ रही है फिल्म— ‘द इंडिया स्टोरी’।
हाल ही में दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान फिल्म की मुख्य अभिनेत्री काजल अग्रवाल, अभिनेता श्रेयस तलपड़े और निर्देशक चेट्टन डीके ने मीडिया के सामने इस मुद्दे पर गंभीर चिंता जताई। मेकर्स का कहना है कि यह फिल्म किसी के खिलाफ नहीं, बल्कि हमारी आने वाली पीढ़ी की सुरक्षा के लिए एक बड़ी चेतावनी है।
ज़ी स्टूडियोज़ द्वारा प्रस्तुत और MIG प्रोडक्शन एंड स्टूडियोज़ के सहयोग से बनी ‘द इंडिया स्टोरी’ एक ऐसी फिल्म है जो समाज की आंखें खोलने का दावा करती है। दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए फिल्म के निर्देशक चेट्टन डीके ने इसके मुख्य उद्देश्य को साफ किया।
निर्देशक ने कहा— ‘द इंडिया स्टोरी किसानों के खिलाफ बिल्कुल नहीं है, बल्कि यह उन हानिकारक रसायनों और कीटनाशकों के दुरुपयोग के खिलाफ है जो चुपचाप हमारी खाद्य श्रृंखला में प्रवेश कर जाते हैं। इस फिल्म के माध्यम से हम आने वाली पीढ़ियों के स्वास्थ्य को लेकर एक जरूरी चर्चा शुरू करना चाहते हैं। अगर हमारी यह कहानी कुछ परिवारों को भी जागरूक कर पाई, तो हम अपना मकसद सफल मानेंगे।’ आपको बता दें कि इस महत्वपूर्ण फिल्म को सागर बी. शिंदे ने लिखा और प्रोड्यूस किया है।
फिल्म में मुख्य भूमिका निभा रही साउथ और बॉलीवुड की टॉप एक्ट्रेस काजल अग्रवाल के लिए यह फिल्म महज एक प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि एक व्यक्तिगत जिम्मेदारी बन चुकी है। मां बनने के बाद इस विषय ने उन्हें अंदर तक हिलाकर रख दिया है।
काजल अग्रवाल ने मुद्दे की गंभीरता पर जोर देते हुए कहा— ‘मां बनने के बाद इस फिल्म को लेकर मेरा नजरिया पूरी तरह बदल गया है। द इंडिया स्टोरी की तैयारी और रिसर्च के दौरान मुझे कई ऐसे कड़वे तथ्य पता चले जो बेहद परेशान करने वाले थे। यह फिल्म सिर्फ खाद्य मिलावट या केमिकल फार्मिंग के बारे में नहीं है, बल्कि यह हमारी आने वाली पीढ़ियों के स्वास्थ्य और उनकी सुरक्षा के बारे में है।’
वहीं दमदार अभिनेता श्रेयस तलपड़े ने भी माना कि एक अभिभावक (Parent) होने के नाते यह कहानी उनके दिल को गहराई से छूती है। उन्होंने कहा— ‘एक पिता होने के नाते यह कहानी मुझे भावनात्मक रूप से प्रभावित करती है। हम अक्सर यह ध्यान नहीं देते कि रोज हमारी थाली में क्या परोसा जा रहा है और इसका हमारे बच्चों के विकास पर क्या असर पड़ सकता है। उम्मीद है दर्शक इसे सिर्फ एंटरटेनमेंट नहीं, बल्कि एक अलार्म के रूप में देखेंगे।’
यह पावर-पैक सोशल ड्रामा फिल्म इसी महीने, यानी 24 जुलाई 2026 को हिंदी, तेलुगु और तमिल भाषाओं में दुनियाभर के सिनेमाघरों में दस्तक देने के लिए तैयार है। काजल अग्रवाल और श्रेयस तलपड़े स्टारर ‘द इंडिया स्टोरी’ यकीनन एक ऐसी फिल्म होने वाली है जो सिनेमाघरों से निकलने के बाद भी दर्शकों को सोचने पर मजबूर करेगी। अब देखना यह होगा कि 24 जुलाई 2026 को जब यह फिल्म रिलीज होगी, तो बॉक्स ऑफिस के साथ-साथ समाज में कितना बड़ा बदलाव ला पाती है।
