प्रभास का ‘हॉरर-कॉमेडी’ धमाका! ‘द राजा साहब’ में दिखा प्रभास का नया अवतार और संजू बाबा का खौफ

पैन इंडिया सुपरस्टार प्रभास एक बार फिर बड़े पर्दे पर लौट आए हैं, लेकिन इस बार उनका अंदाज न तो ‘बाहुबली’ जैसा है और न ही ‘सालार’ जैसा। मारुति के निर्देशन में बनी फिल्म ‘द राजा साहब’ आखिरकार सिनेमाघरों में दस्तक दे चुकी है। हॉरर, कॉमेडी और ढेर सारे इमोशन्स से सजी यह फिल्म प्रभास के करियर की पहली ऐसी फिल्म है जहाँ वे आपको डराएंगे भी और हंसाएंगे भी।

फिल्म की कहानी शुरू होती है एक ऐसे युवक से जिसे उसकी दादी ने पाल-पोसकर बड़ा किया है। कहानी में ट्विस्ट तब आता है जब उसे पता चलता है कि उसके दादा अभी जिंदा हैं। अपने दादा की तलाश में निकला नायक एक ऐसे सफर पर चल पड़ता है जहाँ उसका सामना केवल परिवार से ही नहीं, बल्कि अलौकिक शक्तियों और अनसुलझे रहस्यों से होता है। निर्देशक मारुति ने हॉरर और कॉमेडी का ऐसा कॉकटेल तैयार किया है जो पूरी तरह से फैमिली ऑडियंस को टारगेट करता है।

प्रभास इस फिल्म में अपनी ‘लार्जर दैन लाइफ’ एक्शन छवि से इतर एक हल्के-फुल्के और भावनात्मक किरदार में नजर आ रहे हैं। उनकी कॉमिक टाइमिंग और इमोशनल सीन्स दर्शकों को सरप्राइज करते हैं। वहीं, दादा के किरदार में संजय दत्त ने अपनी संवाद अदायगी और दमदार व्यक्तित्व से पूरी महफिल लूट ली है। फिल्म में निधि अग्रवाल और मालविका मोहनन ने भी कहानी को खूबसूरती से आगे बढ़ाया है, जबकि बोमन ईरानी का किरदार फिल्म को मजबूती देता है।

फिल्म का सबसे बड़ा प्लस पॉइंट इसका VFX है। मेकर्स ने कई ऐसे दृश्य गढ़े हैं जो बच्चों और युवाओं को रोमांचित कर देते हैं। डरावने सीन आपको डराते जरूर हैं, लेकिन निर्देशक ने इस बात का खास ख्याल रखा है कि फिल्म की ‘फैमिली एंटरटेनमेंट’ वाली मर्यादा बनी रहे। यह फिल्म प्रभास के फैंस के लिए किसी सेलिब्रेशन से कम नहीं है क्योंकि यहाँ उन्हें अपने स्टार का एक बिल्कुल नया और फ्रेश लुक देखने को मिल रहा है।

कुल मिलाकर ‘द राजा साहब’ एक कम्पलीट पैकेज है। इसमें हंसी है, थ्रिल है और भरपूर इमोशन है। अगर आप इस वीकेंड परिवार के साथ कुछ हल्का-फुल्का और मनोरंजक देखना चाहते हैं, तो ‘द राजा साहब’ एक अच्छा विकल्प हो सकती है।

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