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सोनू निगम को मिला सिर मूंडने का फतवा,सोनू ने खुद मुंडवाया अपना सिर?

मस्जिदों में लाउडस्पीकर के इस्तेमाल को लेकर किये गए अपने ट्वीट्स की वजह से सुर्ख़ियों में आये सोनू निगम को अपने इन ट्वीट्स को लेकर भारी आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है..कई लोगो ने तो उनका एकतरफा विरोध करना शुरू कर दिया..
विरोध तक तो ठीक था लेकिन मुस्लिम नेता और पश्चिम बंगाल अल्पसंख्यक यूनाइटेड काउंसिल के उपाध्यक्ष सैयद शाह आतेफ अली कादरी ने सोनू निगम के द्वारा अजान पर की गई टिप्पणी को लेकर उनके खिलाफ फतवा तक जारी कर दिया। कादरी ने इसके साथ ही सोनू को पुराने जूतों की माला पहनाने वाले को 10 लाख रुपए देने का ऐलान भी कर दिया।

फिर सोनू ने भी आतेफ अली कादरी के इस बयान का जवाब अपने एक ट्वीट से दिया।सोनू ने अपने ट्वीट में लिखा ‘आज दोपहर 2 बजे आलिम हकीम उनके घर पर आएंगे और उनके सिर के बाल शेव करेंगे। आप अपने दस लाख तैयार रखिएगा मौलवी।’

सोनू ने इसके बाद एक दूसरे ट्वीट पर ठीक इसी समय मीडिया को भी अपने घर पर बुलाते हुए लिखा है, ‘और 2 बजे इस मौके पर भाग लेने के लिए प्रेस का भी वेलकम है।

और फिर सोनू ने जैसा अपने ट्वीट में कहा था ठीक उन्होंने वैसा ही किया..मीडिया के सामने पहले तो सोनू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस पूरे मामले पर सफाई दी। सोनू ने कहा कि वह एक छोटी सी बात को इतना बड़ा बना दिए जाने से हैरान हैं। उन्होंने अपने ऊपर हो रहे चौतरफा हमले और मौलवी के फतवे के विरोध में अपना सिर भी मुंडवा लिया।इसके लिए उन्होंने फेमस हेयर स्टाइलिस्ट आलिम हक़ीम को अपने घर पर पहले से बुलवा रखा था…

सोनू निगम ने क्या क्या कहा

‘आज जब कई लोग उन्हें ऐंटी-मुस्लिम बता रहे हैं तो यह उनकी समस्या नहीं है। यह ऐसे लोगों की सोच की दिक्कत है, क्योंकि उनके सबसे नजदीक जो लोग हैं वे सभी मुस्लिम हैं। उन्होंने कहा कि एक ऐसे शख्स पर इस तरह का इल्ज़ाम लगाना जो मोहम्मद रफी को अपना पिता मानता हो, सरासर गलत है और यह ऐसे लोगों की सोच की दिक्कत है।’


‘रास्ते में जो उत्सव होते हैं, वो लोग दादागीरी करते हैं, नाचते हैं. ऐसा करने से पुलिस की तकलीफ हो जाती है. सोनू निगम बोले कि लोग धर्म के नाम पर शराब पीते हैं, फिल्मी गाने बजाते हैं’.

‘मेरी बात को अच्छी तरह पेश करना चाहिए. उन्होंने कहा कि अपने बच्चों को अच्छे माहौल दीजिए. अगर मैं कह रहा हूं तो आप इसे इस तरह क्यों ले रहे हैं. सोनू ने कहा कि ना मैं सेक्यूलर हूं और ना ही मैं राइट विंग हूं ना लेफ्ट विंग. उन्होंने कहा कि असल में मैं माइनरिटी हूं’.

सोनू ने कहा कि ‘मैं बिना प्लान किए कह रहा हूं, कोई गलती है तो माफ कीजिएगा. मैं एक सोशल टॉपिक पर बात कर रहा हूं, इससे धर्म का कोई लेना देना नहीं है. सोनू ने कहा कि यह वही गुंदागर्दी है जिसका जिक्र मैं कर रहा था. मैंने आलम को बुलाया है. ये कोई चैलेंज नहीं है, ये कोई निगेटिविटी नहीं है. उन्होंने कहा कि ये बाल जो देख रहे हैं मैं काट दूंगा. उन्होंने कहा कि ना मैं हिंदूवादी हूं, ना मुस्लिम, मैं सभी में विश्वास करता हूं. वह बोले कि मैं अजमेर में भी गया था, पुष्कर मंदिर भी गया था. अगर किसी में दम है तो ऐसी बातों पर बोल कर दिखाओ’

उन्होंने कहा कि ‘क्या मेरे मुद्दा उठाने में कहीं मिस्टेक हो गई, क्या मेरी टाइमिंग गलत हो गई? उन्होंने कहा कि क्या ये सही वक्त नहीं था, योगी की सरकार आने से इसका क्या संबंध है? सोनू ने कहा कि मैंने ये मुद्दा पकड़ा है, बाकी बचे मुद्दों को आप पकड़े’

सोनू ये भी कहा की पैग़म्बर का अपमान करने की उनकी मंशा कतई नहीं थी…उनपर ट्वीट में मोहम्मद लिखने पर भी सवाल उठे थे, और ये कहा गया की मोहम्मद साहब क्यों नहीं कहा. जिसपर सोनू ने कहा की ‘ये इंग्लिश की समस्या है. शिव को इंग्लिश में शिवा, राम का रामा कहा जाता है. उन्होंने कहा कि जैसे किसी मुस्लिम की भाषा में लॉर्ड जीसस नहीं आ रहा है. सोनू ने कहा कि अगर ये किसी ने मुद्दा बनाया है, ये मेरा उद्देश्य नहीं था कि पैगंबर की निंदा करूं. ट्विटर में आदमी सोच समझ कर छोटा-छोटा लिखता है’

सोनू निगम ने कहा, ‘ट्वीट को समझा नहीं गया। सिर्फ उस हिस्से को उछाला गया, जिससे मुद्दा बने। हम बातें तो बड़ी बड़ी करतें हैं ,हम यूरोप दजैसे बनने की बात करते हैं, लेकिन क्या हम उनके जैसे हैं? क्या हमारी सोच वैसी है? अभिव्यक्ति के अधिकार की बात कही जाती है तो क्या मुझे वह अधिकार नहीं है…?’ सोनू निगम ने कहा कि मेर सिर्फ इतना कहना है कि धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर जरूरी नहीं हैं। वह चाहे मंदिर हो, मस्जिद हो या गुरुद्वारा हो।

सोनू निगम ने कहा, ‘इस बात को कहने के पीछे मेरा कोई धार्मिक उद्देश्य नहीं था। यह सामाजिक दृष्टि से कही गई एक बात थी। मैं एक ऐसा शख्स हूं जो हर धर्म को मानता हूं, लेकिन हमें ही सोचना होगा कि हम कैसा देश बना रहे हैं। जहां कोई भी किसी के लिए फतवा निकाल सकता है। ऐसी बातें बोल सकता है।’

सोनू ने कहा कि अगर मेरे शब्दों से किसी को यह लगता है कि मैंने उनके पैगम्बर मोहम्मद साहब की आलोचना की है तो उसके लिए मैं माफी चाहता हूं, क्योंकि मेरा ऐसा कोई मकसद नहीं था। अहमद पटेल की बात का जिक्र करते हुए सोनू ने कहा कि मेरी बात को उन्होंने बहुत बेहतर तरीके से कहा है कि अज़ान जरूरी है, लाउडस्पीकर नहीं। सोनू निगम ने फतवे के अनुसार अब अपना सिर मुंडवा लिया है। उन्होंने कहा कि मेरा सिर मुंडवाने वाला एक मुस्लिम है।

रजनी,सवांददाता,मुंबई

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