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Review – बरेली की बर्फी : छज्जे छज्जे का प्यार

फिल्म का नाम : बरेली की बर्फी

डायरेक्टर: अश्विनी अय्यर तिवारी

स्टार कास्ट: राजकुमार राव, आयुष्मान खुराना, कृति सैनन, पंकज त्रिपाठी, सीमा पाहवा

अवधि:2 घंटा 02 मिनट

सर्टिफिकेट: U /A

आयुष्मान खुराना, राजकुमार राव और अभिनेत्री कृति सेनन के अभिनय से सजी फिल्म ‘बरेली की बर्फी’ आज सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। यह फिल्म एक फ्रेंच नॉवल ‘इन्ग्रीडिऐंट्स ऑफ लव’ पर आधारित है। फिल्म डायरेक्टर अश्विनी अय्यर तिवारी हमेशा लीग से हटकर फिल्म बनाने के लिए जाने जाते हैं। दंगल फिल्म के लेखक नितेश तिवारी ने श्रेयष जैन के साथ मिलकर इस फिल्म की कहानी को ऐसे गढ़ा है जो हर मामले में दर्शकों का दिल जीत लेगी। रोमांस और कॉमेडी से भरपूर ये फिल्म हिंदी सिनेमा में एक नया पड़ाव है।

बिट्टी की कहानी

यह कहानी बरेली के रहने वाले मिश्रा परिवार की है जिसमें बिट्टी (कृति सैनन) अपने माता (सीमा पहवा) और पिता (पंकज त्रिपाठी ) के साथ रहती है। बिट्टी के मां-बाप उसकी शादी कराना चाहते हैं लेकिन लड़केवालों की ओर से बार-बार अजीब से सवाल पूछे जाने की वजह से बिट्टी घर से भागने का प्रयास करती है।

इसी बीच उसे बरेली की बर्फी नामक किताब मिलती है और उसके लेखक प्रीतम विद्रोही (राजकुमार राव) से उसे मन ही मन प्यार हो जाता है। फिर प्रीतम की तलाश में बिट्टी की मुलाकात प्रिंटिंग प्रेस के मालिक चिराग दुबे (आयुष्मान खुराना) से होती है। इन्हीं मेल-मुलाकातों के साथ कहानी आगे बढ़ती है और जैसा कि ट्रेलर से ही जाहिर होता है- लव ट्राइएंगल बनता है।

बरेली की बर्फी : कहानी

लोकेशंस से लगता है कि आप उसी शहर में मौजूद हैं जहां यह पूरी कहानी घट रही है। कैमरा वर्क बढ़िया है और शूटिंग का तरीका भी अच्छा है।

फिल्म के डायलॉग्स की खासतौर पर तारीफ की जानी चाहिए जो लगातार दर्शकों को हंसाते हैं। कई जगह तो सीन खत्म होने के बाद भी चेहरे पर मुस्कान बनी रहती है। पंकज त्रिपाठी और सीमा पाहवा ने पेरेंट्स के रूप में बेहतरीन काम किया है और हमेशा की तरह इस बार भी हंसाने के साथ-साथ दिल जीतने में भी कामयाब होते हैं।

वहीँ कृति सैनन बिल्कुल ही अलग अवतार में लगी हैं और इस फिल्म के बाद उन्हें अलग तरह के किरदारों के लिए जरूर चुना जाएगा। इस तरह की फिल्मों में आयुष्मान खुराना पहले भी जमते रहे हैं और इस बार भी उनका काम सहज है। लेकिन बेस्ट कहे जाएंगे राजकुमार राव. उनके कई सारे पंच ऐसे हैं जो आपको आखिर तक याद रह जाते हैं।

बरेली की बर्फी का क्लाइईमैक्स काफी प्रेडिक्टेबल है। लंबाई को बेवजह न बढ़ाकर इसे दुरुस्त किया जा सकता था।

फिल्म का बजट 20 से 25 करोड़ बताया जा रहा है और साथ ही टॉयलेट एक प्रेमकथा पहले से ही कई थियेटर में चल रही है। लेकिन बाहुबली जैसी फ़िल्मों के डिस्ट्रिब्यूटर अनिल थडानी के होने की वजह से फिल्म को अच्छी रिलीज मिलने की उम्मीद है। अगर दर्शकों की सही तारीफ मिली तो फिल्म के अच्छी कमाई करने की पूरी गुंजाइश है।

– साक्षी दीक्षित

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