संसद में बड़ा एक्शन! कागज उछालने वाले विपक्ष के 8 सांसद बजट सत्र से निलंबित, राहुल-प्रियंका का संसद परिसर में प्रदर्शन
लोकतंत्र के सबसे बड़े मंदिर में मंगलवार को वो हुआ जिसकी किसी ने कल्पना नहीं की थी। लोकसभा में कार्यवाही के दौरान पीठासीन की ओर कागज उछालने के आरोप में कांग्रेस और CPI(M) के 8 सांसदों को बजट सत्र के लिए सस्पेंड कर दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद से संसद परिसर का माहौल गरमा गया है। जहाँ सत्ता पक्ष इसे लोकतंत्र का अपमान बता रहा है, वहीं राहुल और प्रियंका गांधी के नेतृत्व में समूचा विपक्ष सरकार के खिलाफ धरने पर बैठ गया है।
मंगलवार को बजट सत्र के दौरान लोकसभा की कार्यवाही जब चल रही थी, तभी विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की मांग कर रहे विपक्षी सांसदों ने अचानक हंगामा शुरू कर दिया। देखते ही देखते कुछ सांसदों ने पीठासीन अधिकारी की कुर्सी की ओर कागज उछाल दिए। सदन की मर्यादा को तार-तार होते देख, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इन सांसदों को शेष सत्र के लिए निलंबित करने का प्रस्ताव रखा, जिसे सदन ने पारित कर दिया।
सांसदों के निलंबन की खबर मिलते ही राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा अन्य विपक्षी नेताओं के साथ संसद परिसर में गांधी प्रतिमा के पास पहुँच गए। विपक्ष का आरोप है कि सरकार उनकी आवाज दबा रही है और महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा से भाग रही है। वहीं, निलंबित सांसदों—मणिकम टैगोर, गुरजीत औजला, राजा वडिंग सहित 8 नेताओं ने इसे सरकार की तानाशाही बताया है। राहुल और प्रियंका ने साफ कर दिया है कि वे इस निलंबन के खिलाफ पूरे देश में आवाज उठाएंगे।
इस भारी हंगामे और निलंबन के बाद लोकसभा की कार्यवाही बुधवार सुबह तक के लिए स्थगित कर दी गई है। सत्ता पक्ष का कहना है कि पीठासीन पर कागज फेंकना सिर्फ अनुशासनहीनता नहीं, बल्कि लोकतंत्र का अपमान है। दूसरी ओर, विपक्षी दलों का कहना है कि जब तक निलंबन वापस नहीं लिया जाता और उनकी मांगों पर चर्चा नहीं होती, विरोध जारी रहेगा।
बजट सत्र के बीच हुए इस सामूहिक निलंबन ने विपक्ष और सरकार के बीच की खाई को और चौड़ा कर दिया है। जहाँ सरकार इसे सदन की गरिमा से जोड़ रही है, वहीं विपक्ष इसे लोकतंत्र की हत्या बता रहा है। कल सुबह जब सदन फिर शुरू होगा, तो देखना होगा कि यह सियासी टकराव किस करवट बैठता है।
