बच्ची के नखरे और पीएम मोदी का दुलार! नितिन नबीन की बेटी को लड्डू खिलाने के लिए मनाते रहे प्रधानमंत्री
नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी के मुख्यालय में आज एक ऐसा नजारा दिखा जिसने राजनीति की गंभीरता में मुस्कुराहट घोल दी। नितिन नबीन ने आधिकारिक तौर पर बीजेपी के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष का पदभार संभाल लिया है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न केवल एक साधारण कार्यकर्ता के शीर्ष पर पहुँचने की सराहना की, बल्कि खुद को उनका ‘कार्यकर्ता’ बताकर सबको चौंका दिया। लेकिन आज की सबसे बड़ी चर्चा रही नवनिर्वाचित अध्यक्ष की छोटी बेटी, जिसने प्रधानमंत्री के हाथों से लड्डू खाने के लिए ऐसे नखरे दिखाए कि पीएम मोदी भी अपनी हंसी नहीं रोक पाए।
भाजपा मुख्यालय में आज जब नए अध्यक्ष की ताजपोशी हुई, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विनम्रता की एक नई मिसाल पेश की। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पीएम ने कहा कि, “नितिन नबीन जी अब मेरे बॉस हैं और मैं उनका कार्यकर्ता हूँ।” पीएम ने स्पष्ट किया कि नबीन की जिम्मेदारी सिर्फ भाजपा को संभालना नहीं, बल्कि पूरे एनडीए (NDA) कुनबे में तालमेल बनाए रखने की भी है।
राजनीतिक औपचारिकताओं के बीच एक बहुत ही प्यारा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पदभार ग्रहण करने के बाद पीएम मोदी ने नितिन नबीन के परिवार से मुलाकात की। इस दौरान नबीन की छोटी बेटी अपने पिता की गोद में थी। पीएम मोदी ने बड़े प्यार से उसे लड्डू खिलाने की कोशिश की, लेकिन बच्ची ने अपने मासूम नखरे दिखाते हुए मना कर दिया। काफी देर तक मनाने के बाद भी जब वह नहीं मानी, तो पीएम मोदी भी खिलखिलाकर हंस पड़े।
अपने पहले संबोधन में नितिन नबीन काफी भावुक नजर आए। उन्होंने खुद को एक साधारण कार्यकर्ता बताते हुए पीएम मोदी और पार्टी नेतृत्व का आभार जताया। नबीन ने गुजरात के ‘सद्भावना मिशन’ के दिनों को याद करते हुए बताया कि कैसे पीएम मोदी ने उन्हें सिखाया कि जनता की भावनाओं से जुड़कर ही कोई व्यक्ति महान बनता है। पदभार संभालने से पहले नबीन ने झंडेवालान मंदिर, वाल्मीकि मंदिर और बंगला साहिब गुरुद्वारे में माथा टेककर आशीर्वाद भी लिया।
आज भाजपा मुख्यालय ने दो बड़े संदेश दिए। पहला—संगठन में एक साधारण कार्यकर्ता भी शिखर तक पहुँच सकता है, और दूसरा—राजनीति में शीर्ष पर बैठा व्यक्ति भी एक बच्चे की मासूमियत के आगे झुक सकता है। नितिन नबीन के लिए यह एक नई चुनौती की शुरुआत है, लेकिन प्रधानमंत्री के विश्वास ने उनका रास्ता आसान कर दिया है।
