मुंबई ने रचा इतिहास: TasteAtlas रैंकिंग में दुनिया की 5वीं बेस्ट फूड सिटी बनी, भारत के 6 शहरों का जलवा

वैश्विक फूड गाइड टेस्ट एटलस (TasteAtlas) ने अपनी बहुप्रतीक्षित ‘100 बेस्ट फूड सिटीज़ 2025–26’ की सूची जारी कर दी है, जिसमें भारतीय शहरों ने वैश्विक मंच पर अपनी शानदार पहचान बनाई है। इस सूची की सबसे बड़ी खबर यह है कि भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई ने लगातार दूसरे वर्ष पाँचवाँ स्थान हासिल करके इतिहास रच दिया है।

यह उपलब्धि मुंबई को दुनिया के टॉप 10 फूड डेस्टिनेशंस में शामिल होने वाला एकमात्र भारतीय शहर बनाती है, जिससे इसकी ‘स्ट्रीट फूड कैपिटल’ के रूप में पहचान और भी मजबूत हो गई है।

मुंबई का स्ट्रीट फूड बना ग्लोबल आइकन

मुंबई की रफ्तार और रंगीन संस्कृति उसके स्ट्रीट फूड में साफ झलकती है, जिसे वैश्विक रेटिंग में सर्वोच्च स्थान मिला है। पाव भाजी, वड़ा पाव, भेलपुरी, रगड़ा पेटिस और मोदक जैसे स्वाद शहर की पहचान बन चुके हैं।

टेस्ट एटलस ने मुंबई के कई प्रतिष्ठित रेस्तरां और भोजनालयों को खास तौर पर ‘मस्ट-विज़िट’ सूची में शामिल किया है, जिनमें राम आश्रय, कैफे मद्रास, श्री ठाकर भोजनालय और बाबा फालूदा प्रमुख हैं।

लिस्ट में भारत के पाँच और शहर शामिल

मुंबई के अलावा, भारत के पाँच और शहर टेस्ट एटलस की इस प्रतिष्ठित सूची में जगह बनाने में सफल रहे हैं, जो देश के क्षेत्रीय व्यंजनों की ताकत को दर्शाते हैं:

शहररैंकिंगपहचान का आधार
अमृतसर48वाँ स्थानकुलचा और स्थानीय पंजाबी व्यंजन
नई दिल्ली53वाँ स्थानचाट और मुगलई ज़ायका
हैदराबाद54वाँ स्थानबिरयानी और निजामी पकवान
कोलकाता73वाँ स्थानबंगाली मिठाई और काठी रोल
चेन्नई93वाँ स्थानइडली-डोसा और दक्षिण भारतीय व्यंजन

इन शहरों ने अपनी क्षेत्रीय खाद्य पहचान—चाहे वह हैदराबादी बिरयानी हो, अमृतसर का कुलचा, या चेन्नई का इडली-डोसा—के दम पर वैश्विक मान्यता हासिल की है।

इटली का वर्चस्व, भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा

वैश्विक सूची में शीर्ष चार स्थानों पर इटली के शहरों ने कब्ज़ा किया है। नेपल्स, मिलान, बोलोग्ना और फ्लोरेंस ने शीर्ष चार स्थान पाकर यह सिद्ध कर दिया है कि पाक कला (Cuisine) के मामले में इटली अभी भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निर्विवाद नेता बना हुआ है।

हालांकि, भारत के छह शहरों का इस सूची में होना दर्शाता है कि भारतीय भोजन अब वैश्विक मंच पर लगातार लोकप्रिय हो रहा है। टेस्ट एटलस की रैंकिंग केवल व्यंजनों को ही नहीं, बल्कि हर शहर की संपूर्ण खाद्य संस्कृति और विरासत को पहचान देती है, जो भारत के बढ़ते खाद्य पर्यटन (Food Tourism) की प्रतिष्ठा को मजबूत करता है।

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