प्रधानमंत्री संग्रहालय में ‘लोकमाता अहिल्याबाई होलकर महिला सम्मान 2026’ का हुआ आयोजन

नई दिल्ली: आज देश की राजधानी दिल्ली का प्रधानमंत्री संग्रहालय एक ऐतिहासिक गवाह बना। अवसर था ‘लोकमाता अहिल्याबाई होलकर महिला सम्मान 2026’ का। कमला ट्रस्ट और निदर्शना गोवानी की इस अनूठी पहल ने देश की उन जांबाज और प्रेरणादायक महिलाओं को एक मंच पर लाया, जिन्होंने अपनी मेहनत से समाज की तस्वीर बदल दी है। राजनीति से लेकर कला और समाज सेवा तक, हर क्षेत्र की दिग्गज हस्तियों ने इस समारोह में शिरकत की।

समारोह की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और सांसद मनोज तिवारी मौजूद रहे। दोनों ही अतिथियों ने समाज निर्माण में महिलाओं की भूमिका की सराहना की और लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के आदर्शों को याद किया। आयोजन की सूत्रधार निदर्शना गोवानी ने मेहमानों का स्वागत करते हुए बताया कि इस सम्मान का उद्देश्य उन महिलाओं को पहचान देना है जो चुपचाप समाज में बदलाव की मशाल जलाए हुए हैं।

समारोह में ग्लैमर और सुरों का तड़का भी लगा। पद्मश्री अनुराधा पौडवाल की मौजूदगी ने कार्यक्रम को गरिमा प्रदान की, तो वहीं टीवी की चहेती ‘अनुपमा’ यानी रूपाली गांगुली, अभिनेत्री तनीषा मुखर्जी, प्रोड्यूसर रूपा अय्यर और शालिनी पासी जैसी विशिष्ट हस्तियों ने अपनी उपस्थिति से समारोह की शोभा बढ़ाई। इन दिग्गज हस्तियों ने सम्मानित होने वाली महिलाओं का हौसला बढ़ाया और महिला सशक्तिकरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। कार्यक्रम का हर पल उन महिलाओं को समर्पित था जिन्होंने चुनौतियों को मात देकर सफलता की नई इबारत लिखी है।

लोकमाता अहिल्याबाई होलकर महिला सम्मान 2026 महज़ एक पुरस्कार वितरण समारोह नहीं, बल्कि प्रेरणा का एक महाकुंभ साबित हुआ। कमला ट्रस्ट की इस कोशिश ने यह संदेश दिया कि जब महिलाओं को सही मंच और सम्मान मिलता है, तो वे राष्ट्र निर्माण में अतुलनीय योगदान देती हैं। समापन तक माहौल पूरी तरह नारी शक्ति के जयघोष से सराबोर रहा। यह शाम उन अनगिनत महिलाओं के नाम रही, जो अपनी प्रतिभा और समर्पण से भारत को एक नई दिशा दे रही हैं।

नारी टू नारायणी—आज का यह आयोजन इसी सोच को सार्थक करता नजर आया। प्रधानमंत्री संग्रहालय की दीवारों ने आज सम्मान और सशक्तिकरण की एक ऐसी कहानी सुनी, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए मिसाल बनेगी। निदर्शना गोवानी और उनकी टीम की यह पहल वाकई काबिल-ए-तारीफ है।

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