दिल्ली में “वरदान अंतरराष्ट्रीय फ़िल्म फेस्टिवल” का शानदार आगाज़, सीएम रेखा गुप्ता ने किया शुभारंभ
नई दिल्ली: दिल्ली में एक अनोखे फिल्म फेस्टिवल की शुरुआत हुई है। नाम है— ‘वरदान अंतरराष्ट्रीय फ़िल्म फेस्टिवल’। दधीचि देहदान समिति की तरफ से आयोजित ये दुनिया का पहला ऐसा फेस्टिवल है, जो अंगदान और देहदान यानी ‘ऑर्गन डोनेशन’ को समर्पित है। सूरजमल विहार में हुए इस प्रोग्राम में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता समेत कई बड़े दिग्गज शामिल हुए।
गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी का कैंपस एक नेक मकसद का गवाह बना। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दीप जलाकर इस दो दिवसीय महोत्सव की शुरुआत की। इस मौके पर सीएम भावुक भी नजर आईं। उन्होंने याद किया कि कैसे वो कभी खुद इस समिति की उपाध्यक्ष रह चुकी हैं। उन्होंने कहा कि दधीचि समिति के साथ काम करते हुए जो सेवा का जज्बा उन्होंने सीखा, वही आज उन्हें मुख्यमंत्री के तौर पर काम करने की ताकत देता है। सीएम ने भरोसा जताया कि ये फेस्टिवल लोगों के मन से अंगदान को लेकर डर और हिचक को खत्म करेगा।

प्रोग्राम में केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने 28 सालों के इस सफर की तारीफ की और धर्मगुरुओं से अपील की कि वो अंगदान से जुड़ी गलतफहमियों को दूर करें। वहीं, आरएसएस के नरेन्द्र ठाकुर ने समिति के फाउंडर आलोक कुमार को ‘प्रेरणा पुरुष’ बताया और अतुल गंगवार की मेहनत को सराहा। समारोह में निलेश माडेलवाला को उनके शानदार काम के लिए सम्मानित भी किया गया। संप्रेषण मल्टीमीडिया के डायरेक्टर अतुल गंगवार ने बताया कि इस फेस्टिवल का मकसद फिल्मों के जरिए लोगों को ये समझाना है कि जाते-जाते भी हम किसी को नई जिंदगी दे सकते हैं।
प्रोग्राम में चार चांद लगाए पद्मश्री एक्टर मनोज जोशी ने। उनकी मास्टर क्लास ने वहां मौजूद लोगों में जोश भर दिया। महोत्सव में देश-विदेश की बेहतरीन शॉर्ट फिल्में दिखाई जा रही हैं, जो अंगदान जैसे संवेदनशील विषय पर बनी हैं। इसके अलावा महंत वरुण शर्मा, नृत्यांगना नलिनी-कमलिनी और संसद टीवी के एंकर प्रतिबिम्ब शर्मा जैसी नामी हस्तियां भी इस मुहिम का हिस्सा बनीं।
ये फिल्म फेस्टिवल 26 के बाद 27 फरवरी को भी जारी रहेगा, जहाँ कई और फिल्मों के जरिए लोगों को जागरूक किया जाएगा। वाकई, अगर सिनेमा के जरिए ये संदेश घर-घर पहुँचता है, तो आने वाले वक्त में अंगदान की कमी से किसी की जान नहीं जाएगी।
