जियो बना भारत का ‘पेटेंट किंग’: 5G, 6G और AI में रचा इतिहास
नई दिल्ली: भारत सरकार की ताज़ा रिपोर्ट (2024-25) के अनुसार, जियो प्लेटफॉर्म्स देश की सबसे बड़ी ग्लोबल पेटेंट फाइलर कंपनी बनकर उभरी है। यह आंकड़े बताते हैं कि जियो अब केवल एक टेलीकॉम कंपनी नहीं, बल्कि एक बड़ी ‘डीप-टेक’ कंपनी बन चुकी है।
मुख्य बातें:
- अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबदबा: जियो ने एक साल में 1,037 अंतरराष्ट्रीय पेटेंट दर्ज किए हैं।
- अकेले ही सबसे आगे: जियो की पेटेंट संख्या, रैंकिंग में दूसरे से दसवें स्थान तक की सभी कंपनियों (TVS, IIT मद्रास, ओला आदि) के कुल योग से भी दोगुनी है।
- कुल आवेदन: अगर भारतीय पेटेंट्स को भी जोड़ लें, तो जियो ने साल भर में कुल 1,654 आवेदन किए हैं।
- फोकस एरिया: कंपनी के पास फिलहाल 485 स्वीकृत पेटेंट हैं, जिनमें से ज्यादातर 5G, 6G और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी भविष्य की तकनीकों से जुड़े हैं।
नवाचार (Innovation) के लिए बड़ा निवेश
जियो की इस सफलता के पीछे रिसर्च और डेवलपमेंट (R&D) पर किया गया भारी खर्च है:
- रिलायंस ने पिछले साल R&D पर 4,185 करोड़ रुपये खर्च किए।
- यह निवेश पिछले साल के मुकाबले 15% ज्यादा है।
इंडस्ट्री में मिली पहचान
जियो की इस उपलब्धि को CII (भारतीय उद्योग परिसंघ) ने भी सराहा है। जियो को भारत की ‘टॉप-20 इनोवेटिव कंपनियों’ में शामिल किया गया है और ‘बेस्ट पेटेंट पोर्टफोलियो’ के लिए रनर-अप का अवॉर्ड भी दिया गया है। ये आंकड़े गवाही देते हैं कि भारत अब केवल तकनीक का इस्तेमाल ही नहीं कर रहा, बल्कि जियो जैसी कंपनियों के दम पर दुनिया के लिए नई तकनीक बना भी रहा है।
