जया बच्चन के बयान पर अशोक पंडित का पलटवार: ‘पैपराज़ी के प्रति रवैया घमंडी अभिजात्य मानसिकता’ को दर्शाता है

वरिष्ठ अभिनेत्री और सांसद जया बच्चन द्वारा हाल ही में पैपराज़ी (Paparazzi) को लेकर दिए गए बयान पर फ़िल्ममेकर और सोशल एक्टिविस्ट अशोक पंडित ने कड़ी आलोचना की है। जया बच्चन के बयान ने फ़िल्म इंडस्ट्री और मीडिया गलियारों में एक नई बहस को जन्म दे दिया है।

‘घमंडी अभिजात्य मानसिकता’ का आरोप

अशोक पंडित ने जया बच्चन के पपराज़ी के प्रति अपनाए गए रुख को “घमंडी अभिजात्य मानसिकता” का प्रतीक बताया है।

पंडित ने स्पष्ट किया कि कुछ पैपराज़ी की आक्रामक कवरेज पर सवाल उठाना उचित है, लेकिन जिस तरह से एक सम्मानित सांसद और इंडस्ट्री की वरिष्ठ सदस्य ने पूरे पेशे को नीचा दिखाया है, वह पूरी तरह से अशोभनीय है।

आत्मचिंतन की सलाह

अशोक पंडित ने पैपराज़ी का बचाव करते हुए कहा कि वे मेहनती पेशेवर हैं, जो केवल अपना काम करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कई बार तो ये पेशेवर सितारों और उनकी पीआर टीमों के बुलावे पर ही कवरेज के लिए पहुँचते हैं।

अशोक पंडित ने कहा: “अगर उन्हें पैपराज़ी संस्कृति पर इतनी आपत्ति है, तो बेहतर होगा कि पहले आत्मचिंतन करें, बजाय इसके कि वे इस तरह की गलत नाराज़गी दिखाएं।”

सोशल मीडिया पर भी बहस तेज़

इस मुद्दे पर सोशल मीडिया पर भी तीखी चर्चा हो रही है। कई यूज़र्स जया बच्चन के बयान को अनुचित बता रहे हैं और पैपराज़ी के कार्य को ‘मीडिया इकोसिस्टम का महत्वपूर्ण हिस्सा’ करार दे रहे हैं, जो सितारों और उनके प्रशंसकों के बीच एक पुल का काम करते हैं।

यह विवाद फ़िल्म इंडस्ट्री में मीडिया कवरेज की सीमा और स्टार्स के निजी जीवन में दखलअंदाज़ी की बहस को फिर से सामने ले आया है।

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