पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने बदल दी है रणनीति, 2021 के मुकाबले 2026 में मजबूत है बीजेपी की स्थिति

पश्चिम बंगाल: केंद्र में बीजेपी की लगभग 12 साल से सरकार है। अधिकांश राज्यों में बीजेपी की सरकार है। लेकिन कुछ राज्य है, जहां बीजेपी को सफलता का अभी भी इंतजार है। इसी में एक राज्य है पश्चिम बंगाल, जहां बीजेपी मजबूत तो हुई है, लेकिन सत्ता से दूर है। 2021 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने पूरा जोर लगाया, लेकिन वो सफलता नहीं मिली जैसा बीजेपी को उम्मीद थी। 2024 के लोकसभा चुनाव में भी बीजेपी की सीटें कम हो गई। इसके बाद बीजेपी ने अपनी रणनीति बदली और 2026 के विधानसभा चुनाव में वो बदली-बदली दिख रही है।
2021 और 2026 में बीजेपी की रणनीति में क्या अंतर आया है, आइए आपको बताते हैं।

2021 :
– बीजेपी का प्रचार काफी आक्रामक था
– बीजेपी ने हाई वोल्टेज कैंपेन चलाया
– प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने दर्जनों रैलियां कीं
– चुनाव पूरी तरह केंद्रीय चेहरों पर केंद्रित था
– ध्रुवीकरण और हिंदुत्व को बीजेपी ने मुद्दा बनाया था
– CAA, NRC, जय श्री राम और पहचान की राजनीति पर जोर था
– TMC के खिलाफ तुष्टिकरण का आरोप लगाया
– TMC से आए नेताओं पर खास निर्भरता
– कई बड़े नेता जैसे सुवेंदु अधिकारी TMC से आए
– ट्रांसफर वोट की उम्मीद, लेकिन जमीनी संगठन कमजोर रहा
– स्टार कैंडिडेट और सेलिब्रिटी राजनीति पर जोर
– फिल्म-टीवी सितारों को टिकट दिया गया

परिणाम :
वोट शेयर बढ़ा (38%) लेकिन सीटें आई सिर्फ 77
रणनीति हाई-प्रोफाइल थी, पर लोकल पकड़ कमजोर रही

2026 :
– लोकल लीडरशिप पर फोकस
– अब बाहरी चेहरों के बजाय स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं पर भरोसा
– बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करने पर जोर
– डेटा और माइक्रो मैनेजमेंट पर जोर
– सीट वार डेटा, पिछले चुनाव के मार्जिन का विश्लेषण कर रही है बीजेपी
– जहां जीत के करीब थे उन सीटों पर खास फोकस
– हर विधानसभा के लिए स्थानीय मुद्दों की सूची
– महिलाओं, रोजगार, कानून-व्यवस्था, स्थानीय भ्रष्टाचार पर फोकस
– एक ही नैरेटिव के बजाय क्षेत्र वार रणनीति
– ममता बनर्जी के बजाए टीएमसी पर अटैक
– 2021 में कैलाश विजयवर्गीय लगातार मीडिया में बयान देते थे, 2026 में बैक ग्राउंड में रहकर काम कर रहे हैं सुनील बंसल

लेखक: रंजन कुमार

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