जीनत अमान का बॉलीवुड को आईना! “मैंने भी पागलपन भरे रोमांस को फैलाया”, धर्मेंद्र के साथ वाले सीन पर जताया अफसोस
सिनेमा के पर्दे पर जिस रोमांस को देखकर पीढ़ियां जवान हुईं, आज उसी रोमांस की ‘पोस्टमॉर्टम’ खुद ज़ीनत अमान ने की है। 70 के दशक की सबसे बोल्ड और हसीन अदाकारा ने अमिताभ बच्चन और धर्मेंद्र के साथ अपनी फिल्मों के कुछ ऐसे सीन शेयर किए हैं, जो आज उन्हें ‘मजेदार’ नहीं बल्कि ‘परेशान करने वाले’ लगते हैं। रिश्तों में ‘सहमति’ और ‘इज्जत’ को लेकर जीनत की ये पोस्ट आज की युवा पीढ़ी के लिए एक बड़ा सबक है।
जीनत अमान ने अपनी 1982 की फिल्म ‘तीसरी आंख’ की एक क्लिप शेयर की है। इसमें वे धर्मेंद्र के किरदार ‘अशोक’ का पीछा करती हैं और उनके साथ आक्रामक तरीके से पेश आती हैं। जीनत लिखती हैं कि यहाँ धरमजी का किरदार बहुत भोला है और उनका अपना किरदार ‘बरखा’ उन पर जबरदस्ती करता है। जीनत के मुताबिक, यह सिर्फ इसलिए ‘मजेदार’ लग सकता है क्योंकि यहाँ रोल उलट गए हैं, लेकिन हकीकत में यह तरीका पूरी तरह गलत है।
इससे पहले जीनत ने ‘दोस्ताना’ की क्लिप शेयर कर अमिताभ के किरदार द्वारा की गई बदनामी पर सवाल उठाए थे। अब उन्होंने स्वीकार किया है कि बॉलीवुड ने अक्सर जुनून और एकतरफा प्यार को ‘महान’ दिखाकर पेश किया है। जीनत ने ईमानदारी से कुबूल किया— “मुझे समझ आ गया है कि मैंने भी बॉलीवुड के उस पागलपन भरे रोमांस को फैलाने में हिस्सा लिया, जो पूरी दुनिया तक पहुंचा। अब मैं उसे ठीक करने की कोशिश कर रही हूं।“
जीनत ने साफ कर दिया कि ‘मजाक और शरारत’ की एक सीमा होती है और सहमति के बिना किया गया कोई भी व्यवहार स्वीकार्य नहीं है। 70 की उम्र पार कर चुकी जीनत का यह नया अवतार लोगों को खूब पसंद आ रहा है।
अक्सर कलाकार अपनी पुरानी फिल्मों का बचाव करते हैं, लेकिन जीनत अमान ने अपनी ही विरासत को आईना दिखाकर एक नई मिसाल पेश की है। उनका ये कदम बताता है कि वक्त के साथ समाज की सोच ही नहीं, बल्कि सिनेमा के ‘आदर्श’ भी बदलने चाहिए।
