‘शेयर बाजार में जियो प्लेटफॉर्म्स की तूफानी एंट्री’, जानें निवेशकों के लिए क्या है बड़ी सलाह

Jio Platforms: शेयर बाजार में इस वक्त अगर किसी आईपीओ की सबसे ज्यादा चर्चा है, तो वह है जियो प्लेटफॉर्म्स। बाजार में शानदार एंट्री के साथ ही जियो ने निवेशकों का दिल जीत लिया है। ₹1,119 के इश्यू प्राइस के मुकाबले यह शेयर सीधे ₹1,358 के भाव पर लिस्ट हुआ, यानी निवेशकों को पहले ही दिन करीब 21% से ज्यादा का बंपर मुनाफा मिल गया। लेकिन लिस्टिंग के बाद अब हर निवेशक के मन में एक ही सवाल है—क्या इस शेयर में और तेजी आएगी, या अब मुनाफावसूली का दौर शुरू होगा?

शेयर बाजार में दस्तक देते ही दिग्गज इंटरनेशनल ब्रोकरेज फर्म नोमुरा (Nomura) ने जियो प्लेटफॉर्म्स पर अपनी पहली कवरेज शुरू कर दी है और इसे ‘Buy’ की रेटिंग दी है। नोमुरा ने इसका टारगेट प्राइस ₹1,340 तय किया है। हालांकि, गौर करने वाली बात यह है कि यह टारगेट मौजूदा लिस्टिंग भाव (₹1,358) से थोड़ा नीचे है, लेकिन आईपीओ के इश्यू प्राइस (₹1,119) से लगभग 20% ऊपर है। इसके अलावा, एलारा कैपिटल (Elara Capital) ने इस पर ‘Buy’ रेटिंग देते हुए ₹1,367 का टार्गेट रखा है, जो मौजूदा भाव से करीब 22% की और बढ़त का इशारा करता है। वहीं मोतीलाल ओसवाल ने भी ₹1,350 का टारगेट प्राइस देकर इस पर भरोसा जताया है।

आखिर क्यों ब्रोकरेज फर्म्स जियो को लेकर इतनी बुलिश हैं? इसकी बड़ी वजह है कंपनी का मार्केट में दबदबा। नोमुरा का कहना है कि जियो अब सिर्फ एक नई शुरुआत करने वाली कंपनी नहीं, बल्कि टेलीकॉम सेक्टर की अनडिस्प्यूटेड लीडर बन चुकी है। वायरलेस सब्सक्राइबर बाजार में जियो की हिस्सेदारी करीब 42% है, जबकि देश के कुल डेटा ट्रैफिक में इसकी हिस्सेदारी लगभग 60% है। इसके अलावा होम ब्रॉडबैंड बाजार में भी कंपनी तेजी से अपने पैर पसार रही है।

एक्सपर्ट्स का मानना है कि नवंबर-दिसंबर के दौरान टेलीकॉम इंडस्ट्री में होने वाली संभावित 15% तक की टैरिफ बढ़ोतरी जियो के लिए एक बहुत बड़ा गेम-चेंजर साबित हो सकती है, जिससे कंपनी की प्रति ग्राहक कमाई (ARPU) में जबरदस्त उछाल आएगा। सिर्फ मोबाइल ही नहीं, बल्कि जियो का फिक्स्ड ब्रॉडबैंड कारोबार भी रॉकेट की रफ्तार से भाग रहा है। जून तक कंपनी के फिक्स्ड ब्रॉडबैंड ग्राहकों की संख्या 2.86 करोड़ तक पहुंच चुकी है, जो उसके सबसे बड़े कंपटीटर भारती एयरटेल (1.47 करोड़) से लगभग दोगुनी है।

सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि 5G इंफ्रास्ट्रक्चर पर होने वाला भारी-भरकम खर्च अब धीमा हो रहा है। इससे कंपनी का कैश फ्लो तेजी से सुधरेगा, और अनुमान है कि वित्त वर्ष 2029 तक जियो पूरी तरह से नेट डेट-फ्री (कर्ज मुक्त) हो जाएगी। ऐसे में सवाल यह उठता है कि आम निवेशकों को अब क्या कदम उठाना चाहिए?

अगर आपका नजरिया लॉन्ग-टर्म (लंबी अवधि) का है, तो ब्रोकरेज फर्म्स की ‘Buy’ रेटिंग यह बताती है कि कंपनी के फंडामेंटल्स बेहद मजबूत हैं। लेकिन जिन निवेशकों ने शॉर्ट-टर्म या लिस्टिंग गेन के लिए शेयर खरीदे हैं, उन्हें यह ध्यान रखना होगा कि नोमुरा का टारगेट मौजूदा लिस्टिंग प्राइस से थोड़ा नीचे है, जिससे शॉर्ट-टर्म में हल्की मुनाफावसूली (Profit Booking) देखने को मिल सकती है।

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