‘नमामि भारतम्’ में 75 लाख से अधिक विद्यार्थियों, पूर्व विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं जनसमुदाय की सहभागिता; एक स्वर और एक लय में गूंजा पूर्ण वन्दे मातरम्

नमामि भारतम्: राष्ट्रगीत ‘वन्दे मातरम्’ के 150वें वर्ष के उपलक्ष्य में विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के आह्वान पर आयोजित राष्ट्रव्यापी ‘नमामि भारतम्’ कार्यक्रम में आज देशभक्ति और राष्ट्रभाव का अभूतपूर्व स्वर दिखाई दिया। देशभर में 25,000 से अधिक स्थानों पर ठीक प्रातः 11 बजे विद्यार्थियों, पूर्व विद्यार्थियों, आचार्यों, अभिभावकों तथा जनसमुदाय ने एक साथ सम्पूर्ण वन्दे मातरम् का सामूहिक गान किया।

विद्या भारती के अनुसार इस राष्ट्रव्यापी आयोजन में 75 लाख से अधिक लोगों ने सहभागिता की। देश के महानगरों से लेकर छोटे नगरों, ग्रामों और विद्यालयों तक एक ही समय में गूंजे ‘वन्दे मातरम्’ ने भारत की सांस्कृतिक एकात्मता और राष्ट्रभाव की सामूहिक अभिव्यक्ति प्रस्तुत की।

देश के विभिन्न प्रमुख स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों में अनेक गणमान्यजनों ने सहभागिता की। दिल्ली के मुख्य कार्यक्रम में विद्या भारती के अखिल भारतीय महामंत्री देशराज शर्मा मुख्य अतिथि रहे। वरिष्ठ पत्रकार आजतक संजय शर्मा, दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष लता गुप्ता, दिल्ली प्रांत सहकार्यवाह रा स्व संघ उत्तम जी की सहभागिता रही।

असम के गुवाहाटी में आयोजित प्रमुख कार्यक्रम में भारतीय सेना के पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी (सेवानिवृत्त) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विद्या भारती पूर्वोत्तर क्षेत्र के मंत्री डॉ. जगदीन्द्र रायचौधुरी, संगठन मंत्री डॉ. पवन तिवारी  सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।

मध्यप्रदेश के भोपाल में मुख्य कार्यक्रम सरस्वती विद्या मंदिर उच्चतर माध्यमिक आवासीय विद्यालय, शारदा विहार, भोपाल द्वारा शौर्य स्मारक पर आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों, आचार्यों एवं नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम में विद्या भारती के अखिल भारतीय सह-संगठन मंत्री श्रीराम आरावकर मुख्य वक्ता, सेवानिवृत्त आई.पी.एस. अधिकारी पवन जैन मुख्य अतिथि, विद्या भारती मध्यभारत प्रांत के अध्यक्ष मोहनलाल गुप्त तथा माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय के निदेशक डॉ. आशीष जोशी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

‘नमामि भारतम्’ केवल सामूहिक गायन का कार्यक्रम नहीं था, बल्कि राष्ट्रगीत ‘वन्दे मातरम्’ की 150 वर्षों की गौरवशाली यात्रा, स्वतंत्रता आंदोलन में उसकी भूमिका तथा भारतीय समाज के राष्ट्रीय जीवन में उसके महत्व को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का राष्ट्रव्यापी अभियान रहा। विद्या भारती के विद्यालयों एवं संस्थानों में सामूहिक गायन के साथ वन्दे मातरम् के इतिहास, स्वतंत्रता संग्राम, भारतीय संस्कृति और राष्ट्रभाव से संबंधित विभिन्न गतिविधियाँ भी आयोजित की गईं।

एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स एवं इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में प्रमाणीकरण

‘नमामि भारतम्’ कार्यक्रम की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स (ABR) तथा इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स (IBR) द्वारा एक ही समय में विभिन्न स्थानों पर सर्वाधिक संख्या में विद्यार्थियों एवं जनसमुदाय द्वारा सम्पूर्ण वन्दे मातरम् के सामूहिक गायन के लिए कार्यक्रम का प्रमाणीकरण किया गया है।

इस प्रकार ‘नमामि भारतम्’ ने वन्दे मातरम् के 150वें वर्ष को एक व्यापक राष्ट्रीय सहभागिता के साथ स्मरणीय बनाया है। यह आयोजन देश की विविधता में एकता, मातृभूमि के प्रति श्रद्धा और राष्ट्रभाव की सामूहिक अभिव्यक्ति के रूप में लंबे समय तक स्मरण किया जाएगा।

विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान ने इस राष्ट्रव्यापी आयोजन में सहभागी हुए विद्यार्थियों, पूर्व विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों, विद्यालय प्रबंध समितियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, गणमान्य नागरिकों तथा समस्त जनसमुदाय के प्रति आभार व्यक्त किया।

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