5,500 से अधिक आवेदनों के बीच चुने गए एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा, संभालेंगे राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की कमान

उत्तर प्रदेश: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा भारतीय वायुसेना के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी एयर मार्शल (रिटायर्ड) जितेंद्र मिश्रा को ट्रस्ट का पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया जाना, राम मंदिर के प्रशासनिक, वित्तीय और विधिक प्रबंधन को पूरी तरह पेशेवर, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की दिशा में एक बेहद ऐतिहासिक और दूरदर्शी कदम है।

इस महत्वपूर्ण नियुक्ति, चयन प्रक्रिया और इसके व्यापक प्रशासनिक प्रभावों का विस्तृत विवरण निम्नलिखित है:

1. चयन प्रक्रिया और पृष्ठभूमि

व्यापक आवेदन प्रक्रिया: राम मंदिर ट्रस्ट के इस शीर्ष पद के लिए देश भर से 5,500 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए थे, जो इस पद की महत्ता और जिम्मेदारी को दर्शाता है।

सर्च कमेटी की संस्तुति: प्राप्त आवेदनों की गहन छानबीन और उच्च-स्तरीय मूल्यांकन के लिए एक तीन सदस्यीय सर्च कमेटी का गठन किया गया था। इस समिति ने योग्यता, अनुभव और प्रशासनिक दक्षता के आधार पर तीन नामों का एक संक्षिप्त पैनल ट्रस्ट को सौंपा था, जिसमें से एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा के नाम पर अंतिम मुहर लगी।

विवादों के बाद पारदर्शिता की पहल: मंदिर में चढ़ावे और प्रबंधन से जुड़ी हालिया विसंगतियों और विवादों के बाद ट्रस्ट को अधिक पेशेवर, जवाबदेह और पारदर्शी स्वरूप देने के लिए इस पद का सृजन किया गया है।

2. एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा का गौरवशाली सैन्य एवं प्रशासनिक करियर

विशिष्ट सैन्य अनुभव: एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा (सेवानिवृत्त) भारतीय वायुसेना के अत्यंत प्रतिष्ठित और अनुभवी अधिकारी रहे हैं। उन्होंने 1 जनवरी 2025 से 30 अप्रैल 2026 तक वायुसेना के अत्यंत महत्वपूर्ण ‘वेस्टर्न एयर कमांड’ के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (AOC-in-C) के रूप में देश की सेवा की है।

मूल निवास: वे मूल रूप से उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के भाटपार रानी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले भोपतपुरा गांव के रहने वाले हैं।
सर्वोच्च सैन्य सम्मान: उनके असाधारण सैन्य योगदान और नेतृत्व के लिए उन्हें देश के सर्वोच्च सैन्य अलंकरणों से सम्मानित किया जा चुका है, जिनमें प्रमुख हैं:

सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल (SYSM)

अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM)

विशिष्ट सेवा मेडल (VSM)

रणनीतिक क्षमता का परिचय: हाल ही में मई 2025 के दौरान ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में वेस्टर्न एयर कमांड प्रमुख के रूप में उनकी भूमिका बेहद चर्चा में रही थी, जहाँ उन्होंने एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम के माध्यम से 314 किलोमीटर की दूरी पर पाकिस्तानी एडब्ल्यूएसीएस (AWACS) को मार गिराए जाने की रणनीतिक कार्रवाई की कमान संभाली थी।

3. सीईओ के रूप में कार्यभार और जिम्मेदारियां

ट्रस्ट की ओर से यह स्पष्ट कर दिया गया है कि सीईओ सीधे तौर पर ट्रस्ट के अधीन रहकर कार्य करेंगे। एयर मार्शल मिश्रा के पास मंदिर परिसर के सुचारू संचालन से जुड़े कई अहम दायित्व होंगे:

दैनिक प्रशासन: मंदिर के रोजमर्रा के प्रशासनिक कार्यों, व्यवस्थाओं और प्रबंधन की मॉनिटरिंग।
वित्तीय प्रबंधन: मंदिर के खजाने, चढ़ावे, दान और वित्तीय लेन-देन में पूर्ण पारदर्शिता और अनुशासन सुनिश्चित करना।
श्रद्धालुओं की सुविधाएं: देश-विदेश से आने वाले लाखों राम भक्तों के लिए दर्शन व्यवस्था, ठहरने, सुरक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं को आधुनिक व सुगम बनाना।
कानूनी और सुरक्षा मामले: मंदिर परिसर की त्रि-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था और चल रहे कानूनी मामलों की देखरेख करना।

एक सैन्य रणनीतिकार और अनुशासित प्रशासक के रूप में एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा का लंबा अनुभव राम मंदिर ट्रस्ट के कामकाज को एक नई मजबूती, गति और सुचिता प्रदान करेगा। राम भक्तों का अटूट विश्वास बनाए रखना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी होगी।

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